वर्तमान कई पार्षद अध्यक्ष पद के चुनाव में सीधे मैदान में उतर सकते हैं

अन्य पार्षद भी किसी न किसी वार्ड से चुनाव मैदान में उतरेंगे, अब जब 4 साल पूरे हो गए हैं तो नगर परिषद की जनता को नगर सभा के माध्यम से अपनी समस्याएं रखने का मौका मिलना चाहिए

नगर परिषद में बैठे जनता के नुमाइंदों  को क्या खोयाा ओर  क्या पाया, क्या अपेक्षाएं हैं । इन सब बातों को लेकर जनता के बीच जाना चाहिए।

घोड़ाडोंगरी नगर परिषद घोषित होने पर नगर की जनता ने बड़ी उम्मीद के भरोसे अपनी समस्या के समाधान के लिये अपने मताधिकार से( 13 जुलाई 2022 को जनता ने नगर सरकार चुनने के लिए मतदान किया था) नगर सरकार बनाई।अब नगर सरकार को 4 साल पूर्ण हो चुके हैं । इन चार वर्षो में नगर सरकार ने परिषद से जुड़ी आवश्यक सभी परंपराओं का पालन करते हुए सभी समितियां का निर्माण की एवं उसमें सभी पदों पर अपने लोगों को बैठाया। नगर सरकार ने परिषद के द्वारा परिषद के कर्मचारियों के द्वारा नगर में साफ सफाई की व्यवस्था परिषद के संसाधनों से कचरे का व्यवस्थापन एवं रोशनी की व्यवस्था सड़क की व्यवस्था आदि व्यवस्थाएं बनाई।

कहीं ना कहीं इन व्यवस्थाओं में नगर परिषद से प्राप्त संसाधन , परिषद के कर्मचारी एवं सरकार से प्राप्त आवंटन के माध्यम से यह व्यवस्थाएं बनाई गई ।एवं शेष निर्माण कार्य एवं नवीनीकरण में ठेके से संबंधित कार्यों पर नगर सरकार का पूरा ध्यान रहा ।इन ठेकों के माध्यम ठेकेदारों ने कच्चे पक्के निर्माण कार्य किए गए जिनसे जनता कितनी संतुष्ट रही यह तो सारा नगर जानता है की निर्माण कार्यों को लेकर मामला पुलिस चौकी तक पहुंच गया। घास पर सड़क बना देने अधूरा कार्य होने और  निर्माण कार्यों को लेकर कई तरह के मामले सामने आए जिसने निर्माण कार्यों की क्वालिटी पर प्रश्न चिन्ह लगा दिए।

नगर परिषद के माध्यम से जनता के ऊपर सभी प्रकार के टैक्स मकान टैक्स नल जल टैक्स आदि में आवश्यक बढोत्तरी करके उन सभी टेक्स की वसूली भी नियमानुसार की गई। किंतु इन सब के बीच में जनता की जो इच्छा थी जो मर्जी थी । वह थी कि उनकी समस्याएं उनसे पूछ कर उनकी सहूलियत के हिसाब से समाधान किया जाता। इस मामले में नगर सरकार ने अभी तक ध्यान ही नहीं दिया। अब जब 4 साल पूरे हो रहे हैं तो नगर परिषद की जनता को नगर सभा के माध्यम से अपनी समस्याएं रखने का मौका मिलना चाहिए ।

नगर सरकार को इन सारी समस्याओं का समाधान करके अपने कार्यकाल के अच्छे समापन की तरफ अग्रसर होना चाहिए । जिससे आने वाले समय में जनता नगर परिषद के प्रथम कार्यकाल की अच्छी यादों के माध्यम से नई सरकार बनाने में आनंद का अनुभव हो। इसके लिए नगर परिषद में बैठे जनता के नुमाइंदों  को क्या खोयाा ओर  क्या पाया, क्या अपेक्षाएं हैं । इन सब बातों को लेकर जनता के बीच जाना चाहिए।

आने वाले नगर परिषद चुनाव में अध्यक्ष का चुनाव अब सीधे जनता करेगी ऐसी सरगर्मियां हैं। इन्हीं बातों के साथ यह भी जनता के बीच में चर्चा है कि वर्तमान कई पार्षद अध्यक्ष पद के चुनाव में सीधे मैदान में उतर सकते हैं । अन्य पार्षद भी नगर परिषद चुनाव में किसी न किसी वार्ड से अपनी किस्मत आजमा सकते हैं नगर परिषद के पहले चुनाव में प्रत्याशियों ने खुद को विकास पुरुष जनता का सेवक बताकर जनता का दिल जीत लिया। लेकिन इन 4 वर्षों में जनता के लिए क्या किया ? अपने वार्ड के विकास के लिए क्या किया ? क्या इन बातों को लेकर चुने हुए जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच जाना चाहिए या नहीं। क्या वर्तमान जनप्रतिनिधि दोबारा चुनाव में उतरेंगे तो जनता नहीं पूछेगी की आपकी क्या उपलब्धि रही ?

एक समय था जब ग्राम पंचायत घोड़ाडोंगरी के माध्यम से घोड़ाडोंगरी पंचायत क्षेत्र में 4 ग्राम सभा होती थी। इन ग्राम सभा के माध्यम से जनता को अपनी बात कहने का हक मिल जाता था । लेकिन इन चार वर्षो में एक भी नगर सभा के माध्यम से जनता को जानने का प्रयास नहीं हुआ । जनता को भी अपनी बात कहने का अवसर उपलब्ध नहीं कराया गया। अब जब लगभग 1 वर्ष आने वाले नगर परिषद चुनाव को लेकर बचा हुआ है तो क्या नगर सभा का आयोजन होना चाहिए ? जनता के मन की बात को जानने का प्रयास होना चाहिए ? यह तो आने वाले वक्त में जनता के नुमाइंदे बनने की चाहत रखने वाले ही बता सकते हैं।

लेखक : रामकुमार मालवी

अध्यक्ष ओबीसी महासभा घोड़ाडोंगरी

यह लेखक के अपने विचार हैं

लेखक पूर्व में ग्राम पंचायत में पंच  रह चुके हैं।

कई मुद्दों पर आम जनता के हित में आंदोलन कर चुके हैं।

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