*ठेका मजदूर के दल ने समस्या समाधान के लिए विधायक योगेश पंडाग्रे से मुलाकात कर चर्चा कर ज्ञापन सौंपा*

 

सारनी l कोयला खदानों में ठेका मजदूरों ने निम्न बिन्दुओं पर विधायक से चर्चा की। वेतन, सीएमपीएफ, ईपीएफ,पीएफ और रोजगार के लिए सम्माननीय विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे से लगाई गुहार।विधानसभा क्षेत्र सारनी–आमला अंतर्गत पाथाखेड़ा स्थित वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) की खदानों में कार्यरत ठेका मजदूरों ने अपने साथ हो रहे वर्षों पुराने शोषण और अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की। मजदूरों ने अपनी गंभीर समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।

मजदूरों ने ठेकेदारों पर आरोप लगाया कि हाई पावर कमेटी (HPC) द्वारा निर्धारित लगभग ₹1365 प्रतिदिन की मजदूरी के बावजूद उन्हें पूरा वेतन नहीं दिया जा रहा है। साथ ही, सीएमपीएफ (CMPF), ईपीएफ (EPF) और पीएफ (PF) जैसी अनिवार्य वैधानिक सुविधाओं से भी वंचित रखा जा रहा है, जो सीधे तौर पर श्रम कानूनों का उल्लंघन है।सुरक्षा और स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़

मामले की गंभीरता केवल वेतन तक सीमित नहीं है। सूत्रों ने बताया कि खदानों में कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का अभाव है, जिससे हर दिन उनके जीवन पर खतरा मंडराता रहता है। वहीं, चिकित्सा सुविधाओं की कमी ने मजदूर परिवारों की स्थिति को और अधिक दयनीय बना दिया है।आंदोलन और समझौते के बावजूद हालात जस के तस
आंदोलन का नेतृत्व करने वाले मनोज पवार के अनुसार, उन्होंने 4 फरवरी 2026 से लगातार प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को शिकायतें दीं। यहां तक कि 18 दिनों तक शांतिपूर्ण आंदोलन भी किया गया। इस दौरान प्रशासन, ठेकेदार और प्रबंधन के बीच समझौता हुआ था, जिसमें 3 दिनों के भीतर बकाया वेतन भुगतान और 16 मार्च 2026 तक सभी मजदूरों को पुनः कार्य पर रखने का आश्वासन दिया गया था।लेकिन, आज तक न तो कई मजदूरों का बकाया वेतन मिला है और न ही लगभग 80 मजदूरों को काम पर वापस लिया गया है। इससे मजदूरों में भारी आक्रोश और असंतोष व्याप्त है।

विधायक कार्यालय में पहुंचकर मजदूरों ने कहा है कि जल्द ही क्षेत्रीय विधायक पंडाग्रे के इन गम्भीर मामलों में हस्क्षेप से समस्या का समाधान होने से संतुष्ट हो सकेंगे।यह मामला व्यापक आंदोलन का रूप लेने की अब स्थिति को रोक जा सकता है। जिससे क्षेत्र में सामाजिक और औद्योगिक अशांति की स्थिति उत्पन्न नहीं हो पाएंगी।
मजदूरों ने विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे से मांग की है कि वे इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर उच्च स्तरीय जांच कराएं, दोषी ठेकेदार और प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा सभी मजदूरों को उनका हक दिलवाएं। आपसे ही अब उम्मीदों की किरण दिखाई दे रही है मजदूरों का कहना है कि सारनी आमला क्षेत्र के विधायक जनप्रतिनिधि का एक मजबूत कदम सैकड़ों परिवारों के जीवन में नई उम्मीद जगा सकता है और क्षेत्र में न्याय एवं अधिकारों की स्थापना कर सकता है। अच्छे वेतन व भविष्यनिधि के साथ जनकल्याण होने में अब देर नहीं होंगी आश्वासन दिया गया है।मजदूरों का नेतृत्व कर रहे मनोज पवार,राजेश भूमरकर,सत्यवान मंडल धर्मेन्द्र चौरे, लिखीराम यादव, बाबूलाल भारती, राहुल अमरे,भगवानदास, दिनेश, आदि लोग मौजूद रहे।

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