माननीय अनन्य विषेष न्यायालय, (पॉक्सो एक्ट) 2012 बैतूल (म.प्र.), ने 17 वर्षीय नाबालिग युवती के साथ अष्लील कमेन्ट कर छेड़छाड़ करने वाले आरोपी पिंकेष उर्फ प्रियकेष पिता शम्भू, उम्र-25 वर्ष, निवासी-बानाबेहड़ा, थाना-षाहपुर, जिला बैतूल (म.प्र.) को दोषी पाते हुए, धारा 354 भादवि समाहित धारा 7/8 पॉक्सो एक्ट में 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2,000रू. जुर्माना तथा धारा 354(क) भादवि समाहित धारा 11(प)/12 पॉक्सो एक्ट में 01 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1,000रू. के जुर्माने से दण्डित किया गया। प्रकरण में म.प्र. षासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी श्री एस.पी.वर्मा एवं वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी/अनन्य विषेष लोक अभियोजक श्री ओमप्रकाष सूर्यवंषी द्वारा पैरवी की गई।
घटना का विवरण इस प्रकार है कि पीड़िता के द्वारा दिनांक 20-02-2020 आरक्षी केन्द्र शाहपुर में इस आषय का लिखित षिकायत की कि दिनांक 19-02-2020 को शाम 06ः30 बजे वह हैंड पंप से पानी लेकर आ रही थी। ग्राम सोनादेह का रहने वाला पिंकेष मुर्गी फार्म के पास मोटरसायकल लेकर खड़ा था, उसको देखकर बोला क्या माल लग रही है तथा गंदी-गंदी बात करने लगा और बोला कि एक बार देगी क्या, एक बार मिल और उसे बुरी नीयत से पकड़ने के लिए दौड़ा, तो वह जल्दी-जल्दी भागकर घर आ गयी और अपनी मम्मी को घटना के बारे में बताया। उसकी मम्मी आरोपी को उसके घर देखने गयी, लेकिन आरोपी अपने घर से भाग गया था। पीड़िता की उक्त षिकायत के आधार पर आरोपी के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर
प्रकरण विवेचना में लिया गया। उसके पुलिस कथन लेख किये गये तथा मजिस्टेªट न्यायालय में धारा 164 द.प्र.सं. के कथन लेख कराये गये एवं अन्य साक्षियों के कथन लिये गये, पीड़िता की उम्र से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत प्राप्त किये गये। आवष्यक अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय अनन्य विषेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बैतूल म.प्र. के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया। अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया, जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध पाकर दंडित किया गया।

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