यहाँ म्यूजिक के साथ होती है सुबह एवं शाम की प्रार्थना, स्कूल के सामने से गुजरने वाले लोग सुनकर हो जाते हैं स्तब्ध
घोड़ाडोंगरी – प्रतिदिन खबरों में स्कूलों में अपना दायित्व निर्वहन न करने वाले शिक्षकों के प्रति तो नेगेटिव खबरें देखने में मिल ही जाती है किंतु घोड़ाडोंगरी में एक सरकारी स्कूल ऐसा भी है जहां के प्रिंसिपल बच्चों को सुबह शाम स्कूल प्रार्थना मैं म्यूजिक के साथ राष्ट्रगान राष्ट्रगीत करवाते हैं जिससे बच्चों में म्यूजिक के प्रति खासा उत्साह देखने को मिल रहा है वही इसे सुनने वाले राह से गुजरने वाले लोग सु-मधुर संगीत को सुनकर उसे सुनने देखने वही स्तंभ रह जाते हैं।
प्रिंसिपल की अनोखी पहल सभी को भा रही है।
लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में पदस्थ विक्रांत गावंडे जो कि अब शासकीय कन्या माध्यमिक शाला घोड़ाडोंगरी के प्राचार्य के रूप में पदस्थ है उनका संगीत (म्यूजिक) के प्रति लगाव अब बच्चों के लिए भी वरदान साबित हो रहा है वह शाला में प्रतिदिन सुबह शाम की प्रार्थना संगीत, म्यूजिक के साथ प्रार्थना करवाते हैं साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी बच्चों को अच्छा अनुभव दे रहे हैं
उनसे ही जानते हैं कैसे मिली उन्हें म्यूजिक की शिक्षा।
कोरोना काल में जब सब लोग घर में कैद थे। तब हमारे उपायुक्त महोदय आदिम जाति कल्याण विभाग नर्मदा पुरम जयप्रकाश यादव की एक अभिनव पहल से अभिव्यक्ति मंच का निर्माण किया गया। जिसमे संगीत में रुचि रखने वाले सभी शिक्षकों को जोड़ा गया था। फिर प्रति सप्ताह गीतों का टास्क दिया जाता था। और परिणाम स्वरूप विजेता के नाम घोषित किए जाते थे। तभी से संगीत के प्रति रुझान बढ़ा और आप सभी की शुभकामनाओं के फल स्वरुप एक बार प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर आने का अवसर भी प्राप्त हुआ।
संगीत तन मन को प्रफुल्लित कर देता है। तब सोचा क्यों ना इन बच्चों को भी इससे जोड़ा जाए। विद्यालय में सुबह की प्रार्थना उसके बाद राष्ट्रगीत और शाम को राष्ट्रगान का म्यूजिक मैंने खुद तैयार किया। जब से संगीतमय प्रार्थना शुरू की सारे बच्चे एक ही सुर ताल में गाने लगे और इस आनंद को अनुभव करने लगे। प्रार्थना सभा का सारा इंतजाम विद्यालय की बाल कैबिनेट करती है। स्टाफ के सभी शिक्षक /शिक्षिकाएं भी पूर्ण रूप से सहयोग करते हैं।
विक्रांत गावंडे
प्राचार्य शासकीय कन्या माध्य. माध्यमिक शाला घोड़ाडोंगरी।