गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोगों को डिहाइड्रेशन, थकान, चक्कर और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी होता है। प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. नवीन वागद्रे बताते हैं कि गर्मियों में कुछ प्राकृतिक पेय और सही जीवनशैली अपनाकर शरीर को गर्मी के दुष्प्रभावों से काफी हद तक बचाया जा सकता है।
गर्मी के मौसम में नारियल पानी सबसे अच्छा प्राकृतिक पेय माना जाता है। इसमें पोटैशियम, सोडियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, जो शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखते हैं और डिहाइड्रेशन से बचाते हैं। इसी तरह नींबू पानी या शिकंजी भी गर्मियों में बेहद लाभकारी होता है। इसमें मौजूद विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट शरीर को तरोताजा रखते हैं और थकान कम करने में मदद करते हैं।
पुदीना पानी शरीर को तुरंत ठंडक देने के लिए जाना जाता है। पुदीने में मौजूद मेंथॉल शरीर के ठंडक महसूस करने वाले रिसेप्टर्स को सक्रिय करता है, जिससे शरीर को प्राकृतिक ठंडक का अनुभव होता है और पाचन भी बेहतर रहता है। गर्मियों में तरबूज का जूस भी काफी फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें लगभग 90 प्रतिशत पानी होता है, जो शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है।
परंपरागत रूप से गर्मियों में जौ का पानी (Barley Water) और गुलाब का शरबत भी काफी उपयोगी माने जाते हैं। ये शरीर की आंतरिक गर्मी को कम करने में मदद करते हैं और शरीर को तरोताजा बनाए रखते हैं। वहीं छाछ में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन को बेहतर बनाते हैं और शरीर को ठंडक देते हैं।
प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. नवीन वागद्रे बताते हैं कि गर्मियों में सब्जा के बीज का पेय भी काफी उपयोगी होता है। ये बीज पानी में फूलकर जेल जैसा रूप लेते हैं, जो शरीर की गर्मी को सोखकर ठंडक प्रदान करते हैं और एसिडिटी कम करने में मदद करते हैं।
इसके अलावा बेल का शरबत गर्मियों के लिए बेहद लाभकारी पेय माना जाता है। बेल में मौजूद टैनिन, पेक्टिन और एंटीऑक्सीडेंट पेट को ठंडा रखते हैं और पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं। यह गर्मी में होने वाली दस्त, एसिडिटी और डिहाइड्रेशन से बचाने में भी सहायक है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इन पेयों के ठंडक देने के पीछे मुख्य कारण इनकी उच्च जल-सामग्री, इलेक्ट्रोलाइट्स और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करते हैं।
लेख के अंत में डॉ. नवीन वागद्रे सलाह देते हैं कि गर्मी के मौसम में केवल पेय पदार्थ ही नहीं
बल्कि जीवनशैली का भी ध्यान रखना जरूरी है। दिनभर में 4–5 लीटर पानी पीना, हल्के सूती कपड़े पहनना और दोपहर 12 से 4 बजे के बीच तेज धूप में निकलने से बचना चाहिए। भोजन में खीरा, ककड़ी, तरबूज और दही जैसे ठंडक देने वाले खाद्य पदार्थ शामिल करना लाभदायक होता है, जबकि कोल्ड ड्रिंक, अत्यधिक चाय-कॉफी और तले-भुने भोजन से दूरी बनाकर रखना चाहिए।

