मां नर्मदा के धाराजी तट पर श्रद्धालुओं का आना प्रारंभ हो गया, 2007 के धाराजी हादसे के बाद से लगभग 15 वर्ष तक धाराजी घांट पर स्नान पर प्रतिबंध लगा था , जो बोलबम कावड़ यात्रा संघ

चैत्र अमावस्या के पावन पर्व के 1 दिन पूर्व मंगलवार को मां नर्मदा के धाराजी तट पर श्रद्धालुओं का आना प्रारंभ हो गया, 2007 के धाराजी हादसे के बाद से लगभग 15 वर्ष तक धाराजी घांट पर स्नान पर प्रतिबंध लगा था , जो बोलबम कावड़ यात्रा संघ एवं क्षेत्रीय श्रद्धालुओं की मांग पर पूर्व विधायक पहाड़सिंह कन्नौजे के द्वारा धाराजी घांट पर पुनः स्नान प्रारम्भ करवाया गया एवं धार्मिक आस्था बरकार रखी गई, सैकड़ों को संख्या में लोग धाराजी तट पहुंचे,

शाजापुर, मक्सी,तराना उज्जैन क्षेत्र के श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रही ,श्रद्धालु आते रहे और सुविधा के आभाव में वापिस भी प्रस्थान कर गए,कुछ श्रद्धालुओं ने कहा किशनगढ़ फांटे से पीपरी धाराजी तक मार्ग अत्यंत खराब हो गया है,जब बनेगा तब बनेंगे पर अभी कम से कम इसकी मरम्मत तो की जानी चाहिए, रोड के साइड की पटरी तक नहीं भरी गई, , धाराजी नरसिंहपूरा पंचायत के अंतर्गत आता है, लेकिन जनपद पंचायत के द्वारा देवझिरी पंचायत में बैरियर लगा कर वाहनों से राशि ली जा रही है ,बाइक से 10, फोरवीलर से 50 सिक्स वीलर से 100 रुपए की शुल्क लिया जा रहा हैधार्मिक आस्था के इस केंद्र पर इस वसूली की क्षेत्रवासियों ने निंदा की, बड़ी मुश्किल से धाराजी घांट शुरू हुवा हे,

श्रद्धालु आने लगे हे , और उनसे शुल्क लिया जा रहा हे। इस बार धार्मिक मान्यता अनुसार 2 अमावस्या हैं,इसलिए ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। ट्रैफिक अधिक होने से पीपरी मेन रोड पर बार बार जाम की स्थिति बनी। पर्व पर स्नान प्रारंभ होने से चापड़ा से लगाकर धाराजी तक के छोटे-छोटे दुकानदारों का फायदा होने लगा है ,छोटे लोगों को भी रोजगार प्राप्त हो रहा है ,अगर शासन और सुविधाएं मुहैया करा दे तो काफी हद तक लोगों को रोजगार मिलेगा।