बच्चों में संस्कार का महत्व और जीवन में कितना जरूरी है यह बताया
संस्कार व्यक्ति के पूरे जीवन को प्रभावित करते हैं । कहते हैं कि सम्मान देने से ही सम्मान मिलता है। लेकिन यह सब बातें बच्चों को बचपन से ही सिखाई जाएं तभी वह अपने जीवन में बड़ों का आदर करना ,लोगों से कैसे बात करना, अनजान लोगों से किस तरह से व्यवहार करना, परिवार में माता-पिता, भाई-बहन, अन्य रिश्तेदारों से कैसे बात करना चाहिए, किस तरीके से उनका आदर करना चाहिए । यह सब जब बच्चों को शुरू से ही सिखाया जाता है तब एक आदर्श व्यक्ति का निर्माण होता है। उक्त उद्गार डॉ मनोज पाटणकर ने ग्राम पांढरा में आयोजित बाल संस्कार शाला में कहीं। इस अवसर पर साईं सनराइज स्कूल के संचालक देवीप्रसाद जायसवाल ने भी बच्चों और बालकों को संबोधित करते हुए कहा कि संस्कार जीवन में बहुत जरूरी है। संस्कार हीन व्यक्ति की तुलना पशुओं के बराबर की जाती है। लोग टिप्पणी कर देते हैं कि इन्हें बात करने का तमीज नहीं है। कैसे बात करना चाहिए यह परिवार के लोग ही सिखाते हैं। माता पिता को अपने बच्चों में अच्छे संस्कार डालने पर भी ध्यान देना चाहिए ।आज लोग इस और ध्यान देते हैं की बच्चे का खानपान और पढ़ाई लिखाई। लेकिन उनके अलावा संस्कार भी पढ़ाई लिखाई और खानपान की तरह महत्वपूर्ण है। गायत्री परिवार के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में संस्कार के महत्व के बारे में बताया गया।
