108 विशाल जल कलश यात्रा, देवपुजन से 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का शुभारम्भ हुआ
घोडाडोंगरी। अखिल विश्व गायत्री परिवार के संरक्षण मे घोड़ाडोंगरी मे 24कुंडीय नवचेतना जागरण गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा का शुभारंभ हुआ।
शांतिकुंज के विद्वान मनीषी सुरतसिंग अमृते ने कहा कि यज्ञ से सभी का कल्याण होता है यज्ञ से पर्यावरण संरक्षण होता है विश्व का कल्याण होता है।
यज्ञ में 500से अधिक धर्मप्रेमी बंधुओं ने भाग लिया। प्रज्ञा पुराण कथा में सतसंग का महत्व बताते हुए कहा की मानव जीवन में कल्याण के लिए
चिंतन चरित्र में उत्कृष्टता होनी चाहिए।
प्रज्ञा पुराण कथा मे संगीतमय प्रज्ञा पुराण मे प्रेरक संगीत से प्रेरणा संदेश दिया । संस्कारो का महत्व बताया । गृहस्थ जीवन मे संयम ,आनंद को प्राप्त करना चाहते है तो नारी का सम्मान करना चाहिए।
प्रज्ञा पुराण कथा सुनने क्षेत्र के गावो से सेकडो धर्मप्रेमी बंधुओं ने भाग लिया।
आयोजन समिति -सुनिल वर्मा एवं रविशंकर परखे ने बताया कि सुबह गायत्री यज्ञ के साथ संस्कार व प्रज्ञा पुराण कथा के साथ सायं 5बजे विराट दीप महायज्ञ होगा