पीपरी -आजादी के बाद से क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं में प्रगति अवश्य हुई है, सड़कों का निर्माण भी किया गया लेकिन आवागमन के साधन अभी भी बहुत कम होने की वजह से आम नागरिकों को बहुत परेशानी आती है। गिनती की बसें चलती है जो क्षेत्र के दूरस्थ अंचल बावड़ी खेड़ा ,रतनपुर, गुराडदा, धाराजी तक चलती है। मजबूरी में कई बार लोगों को प्राइवेट वाहन का महंगा खर्च करना पड़ता है। जबकि पीपरी के बाद आसपास 30 से अधिक गांव और 7 ग्राम पंचायत शामिल है । वहां तक बसों की पहुंच कम ही होती है। कुछ बड़े गांव तो
ऐसे हैं जहां पर 5 किलोमीटर से 8 किलोमीटर दूर बस सवारी को छोड़ देती है। सुबह सबसे पहली बस 11:30 बजे पीपरी आती है। यहाँ से वापसी के लिए 2.30 के बाद कोई बस नहीं मिलती है, पीपरी सहित अन्य ग्राम पंचायत के ग्रामीण और नागरिकों ने सड़क परिवहन मंत्रालय से मांग की है। कि देश के अन्य हिस्सों की तरह इस क्षेत्र में भी चार्टर्ड बसें चलाई जाए। कुछ वाहन मालिक कहते हैं, कि वह बस चलाने को तैयार है
लेकिन शासन परमिट जारी नहीं करती है। छोटी टैक्सियों का संचालन भी अब बंद हो गया है पहले पीपरी उदयनगर, पीपरी किशनगढ़ कुछ निजी वाहन टैक्सी चलती थी। लेकिन अब सब बंद हो चुके हैं, यहां पर राज्य परिवहन की अभी तक कोई भी सुविधा नहीं मिल पाई पहले ही यह क्षेत्र रेल मार्ग से पूरी तरह कटा हुआ है। इसके चलते दूर क्षेत्र के रिश्तेदार इस क्षेत्र में
रिश्तेदारी करना पसंद नहीं करते व्यापार व्यवसाय भी प्रभावित होता है, जबकि नर्मदा का पावन तट इस क्षेत्र को सीमा रेखा के रूप में छूता है सीता मंदिर जैसी प्राचीन धरोहर यहां पर स्थित है। धाराजी में वर्ष में 5 से 6 बार बाद स्नान आयोजन भी होता है ,लेकिन सब निजी बस और निजी वाहन के सहारे
यान्हा पंहुचते है, पत्र के माध्यम से मध्य प्रदेश राज्यपरिवहन विभाग से इस संबंध में उचित निर्णय लेने की मांग की है ।
*क्या कहना है नवनिर्वाचित विधायक का*
क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक मुरली भंवरा ने कहा कि यदि कोई वाहन मालिक बस का संचालन करना चाहता है तो उन्हें शासन से परमिट अवश्य दिलवा या जाएगा।

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