*71 वर्षों से अनवरत जारी है पदयात्रा*

*धूनी वाले दादा जी के दरबार में माथा टेकने जाते हैं श्रद्धालु*

*लगभग 400 किलोमीटर की होती है पदयात्रा*

*जितेन्द्र निगम – चिचोली*

*तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी बैतूल जिले के पांढुर्णा क्षेत्र के श्रद्धालुओं की खंडवा जिला मुख्यालय पर स्थित श्री धूनी वाले बाबा के दरबार की पदयात्रा पिछले 71 वर्षों से अनवरत जारी है . हाथ से खींचे जाने वाले एक रथ पर श्री धूनीवाले दादाजी के छाया चित्र के साथ “भज लो दादाजी का नाम,भज लो हरि हर जी का नाम” की धुन गाते हुए यह पदयात्रा विपरीत परिस्थितियों में भी श्रद्धालुओं की आस्था नहीं डिगा पाई है.*

*इस वर्ष पांढुर्ना से चलकर खंडवा की ओर रवाना हुई इस यात्रा का मंगलवार शाम को नगर आगमन हुआ. नगर की सीमा पर श्रद्धालु कैलाश आर्य, भीम आर्य, कृष्णा सोनी एवं अन्य श्रद्धालुओं ने स्वागत किया. भीम आर्य के निवास पर दादा जी की भव्य आरती के साथ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने यही रात्रि विश्राम किया. बुधवार को यात्रा नगर भ्रमण करती हुई देर शाम खंडवा की ओर रवाना हुई. यात्रा में पिछले कई वर्षों से शामिल हो रहे मनोहर अमरकर ने बताया कि इस वर्ष श्री धूनी वाले दादा जी की दरबार के लिए रथयात्रा का यह 71 वाँ वर्ष है. उन्होंने बताया कि कोविड काल के अलावा कई कठिनाइयों के बावजूद भी यात्रा का क्रम लगातार चल रहा है . श्री अमरकर ने बताया कि यात्रा गुरु पूर्णिमा के पूर्व खंडवा पहुंचेगी और गुरु पूर्णिमा के दिन यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालु दादाजी दरबार में विशेष पूजा-अर्चना करेंगे . श्री अमरकर ने बताया कि कुछ वर्षों पूर्व तक खराब सड़क और रास्ते मे नदी नाले होने के कारण कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था. लेकिन अब हाईवे बन जाने के कारण यात्रा कुछ सुगम हो गई है. बुधवार शाम को चिचोली के श्रद्धालुओं ने रथ यात्रा के रथ को खींचते हुए नगर की सीमा के बाहर तक ले जाकर रथ यात्रा को विदाई दी.*