हमारे पूर्वजों के देश हित में दिए गए बलिदान को कभी ना भूले, उन्होंने हमारे बेहतर भविष्य के लिए उस समय अपनी जान गवाई थी- गंगा सज्जन सिंग उईके

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर पूर्व विधायक स्व. सज्जन सिंह उईके जी की धर्मपत्नी गंगा सज्जन सिंग उईके ने यह बात 9 अगस्त आदिवासी दिवस के अवसर पर बंजारीढाल पहुंच कर शहीद स्मारक में पूजा अर्चना के बाद जन समुदाय को संबोधित करते हुए कही उन्होंने बताया कि बीते जमाने की सरकारों ने केवल देश में योगदान एक ही परिवार का बताया है परंतु आप और हम अच्छी तरह जानते हैं की पूरा भारत देश कोई एक परिवार के बदौलत आजाद नहीं हुआ, आजादी में सभी समाज ने अपना योगदान दिया अपनी आहुति दी है, उन्होंने बताया कि आज संसार के सबसे पुरानी सभ्यता से जुड़े हम प्रकृति पूजक वनवासी आदिवासी समुदाय है जिन्होंने देश पर समय-समय पर विपत्ति आने पर सबसे आगे होकर लड़ाइयां लड़ी है ऐसे महापुरुष शहीद सरदार विष्णु सिंग गोंड, शहीद गंजनसिंग कोरकु, रमो बाई कोरकू जैसे हमारे क्षेत्र में जिले के गौरवमयी पुरुष है जिन का बलिदान इतिहास के पन्नों पर स्वर्णिम अक्षरों पर लिखा गया हैं हम उन की संताने इस बात को हमेशा याद रखें।
ऐसे ही हमारे देश के महान क्रांतिकारी नेता भगवान बिरसा मुंडा रहे उन्होंने समाज और धर्म को बचाने के लिए अकेले दम पर सैकड़ों लड़ाइयां लड़ी एवं अंग्रेजों के अत्याचार सहे उस समय अंग्रेजों के शासनकाल में भोले भाले वनवासी भाई बहनों को धर्मान्तरित कर इसाई बना जा रहा था, उन्होंने बाल्यकाल से ही इसका विरोध किया और और अंग्रेजों से इसी धर्मांतरण को लेकर लड़ते लड़ते अपनी जान की आहुति दी उन्होंने उस समय गांव गांव में जनचेतना का अलख जगा कर सबको सतर्क किया था, आज भगवान बिरसा मुंडा जैसे महापुरुष उस समय ऐसे मुद्दों को लेकर विरोध नही करते तो भारत का 80% वनवासी आदिवासी समाज आज धर्मान्तरित होकर अंग्रेजों का धर्म अपना चुका होता उनके बलिदान को भी हमें याद रखना है। इस अवसर पर सातलदेहि सरपंच अरविंद धुर्वे,बंजारीढाल सरपंच महेश काजले एवं उपसरपंच धन्नूलाल धुर्वे मुख्य रूप से उपस्थित थे।