स्वर्ण आभूषणों की अनिवार्य हॉलमार्किंग आज से लागू हुई।


केन्द्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने बताया है कि विभिन्न हितधारकों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद हॉलमार्किंग के बारे में कई फैसले किये गए जिनसे ग्राहकों और व्यापारियों को लाभ पहुंचेगा।
 
स्वर्णाभूषणों की अनिवार्य हॉलमार्किंग आज से लागू हो रही है। प्रारंभ में हॉलमार्किंग देश के 256 ऐसे जिलों में शुरू की गई थी, जहां सोने की परख करने की सुविधाएं मौजूद थी। केन्द्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने बताया है कि विभिन्न हितधारकों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद हॉलमार्किंग के बारे में कई फैसले किये गए जिनसे ग्राहकों और व्यापारियों को लाभ पहुंचेगा। नए प्रावधानों के अन्तर्गत 20, 23 और 24 के अतिरिक्त कैरेट के सोने की भी हॉलमार्किंग करने की अनुमति दी गई है।
 
नए प्रावधानों के अन्तर्गत पुराने आभूषणों की भी हॉलमार्किंग की जा सकेगी। उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने बताया है कि समूची हॉलमार्किंग योजना से संबंधित मुद्दों की देख-रेख के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। इसमें विभिन्न हितधारकों की प्रतिनिधि, राजस्व अधिकारी और विधि विशेषज्ञ शामिल होंगे। भारतीय मानक ब्यूरो की हॉलमार्किंग योजना के अन्तर्गत आभूषण विक्रेताओं का पंजीकरण किया जाता है जो हॉलमार्क युक्त स्वर्णाभूषणों की बिक्री कर सकते हैं। मंत्रालय ने कहा है कि हॉलमार्किंग से उपभोक्ताओं को सही विकल्प चुनने में मदद मिलेगी और वे सोना खरीदते समय किसी तरह के भ्रम से बच सकेंगे। भारत में फिलहाल केवल 30 प्रतिशत स्वर्णाभूषणों पर ही हॉलमार्क चिन्ह अंकित है।