मध्य प्रदेश के उच्च न्यायालय ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव एसआर उमाशंकर, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डॉ इंदिरा मिश्रा, लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभय वर्मा और प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड के चेयरमैन केके सिंह को अवमानना का नोटिस जारी करके 5 दिन के भीतर कोर्ट में हाजिर होने के लिए कहां है।

सामान्य वर्ग का हक मारा गया :

साेमवार को मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ के समक्ष मामला सुनवाई के लिए लगा। इस दौरान याचिकाकर्ता राजस्थान निवासी शांतिलाल जोशी, बृजकिशोर शर्मा, इंसाफ अली व राजेंद्र कुमार यादव की ओर से अधिवक्ता आदित्य संघी ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 14 फीसद से अधिक ओबीसी आरक्षण पर अंतरिम रोक लगा रखी है। इसके बावजूद राज्य शासन की ओर से मनमानी करते हुए शिक्षक भर्ती में 14 फीसद के स्थान पर ओबीसी के आवेदकों को 27 फीसद आरक्षण का लाभ दे दिया गया।

इससे सामान्य वर्ग का हक मारा गया। याचिकाकर्ता सामान्य वर्ग से आते हैं। चूंकि सीधे तौर पर हाई कोर्ट की अवमानना की गई है, अत: अवमानना याचिका दायर की गई है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि हाई कोर्ट में ओबीसी आरक्षण मामले की सुनवाई के दौरान शिक्षक भर्ती परीक्षा में 27 फीसद ओबीसी आरक्षण देने पर लगी रोक हटाए जाने की मांग को लेकर दायर आवेदन भी खारिज कर दिया गया था। इसके बाद भी राज्य शासन की ओर से न केवल 27 फीसद आरक्षण देकर चयन सूची जारी कर दी गई बल्कि नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया को भी गति दे दी गई।