साइबर अपराधियो का नया ठिकाना, फेसबुक के माध्यम से क्राइम करने का कर रहे प्रयास

लोगों से रुपये ऐंठने में लगे साइबर अपराधीयो ने अब लोगों को चूना लगाने का नया माध्यम खोज लिया है।लोगों को फेसबुक के माध्यम से अपने जाल में फसाने में लगे हुए हैं ।

घोड़ाडोंगरी के एक व्यक्ति ने बताया कि उन्हें एक पुरानी कार खरीदनी थी तो उन्होंने फेसबुक में मार्केट प्लस पर पुरानी गाड़ियों की सेल को देखा। जिसमें एक व्यक्ति द्वारा वर्ष 2014 की ओमनी वेन ₹45000 में बेचने के लिए पोस्ट डाला गया था। जब उन्होंने संबंधित व्यक्ति के फोन पर कॉल किया तो उसने अपने आप को आर्मी का कर्मचारी बताया और इससे संबंधित आई कार्ड और आधार कार्ड व्हाट्सएप भी किए। वाहन के भी कई फोटो उन्होंने व्हाट्सएप किए और बताया कि उनका ट्रांसफर जम्मू कश्मीर हो गया है इसलिए वे गाड़ी बेच रहे।

संबंधित ने लालच देते हुए कहा कि वे उन्हें ₹40000 में गाड़ी दे देंगे, गाड़ी भी घर पहुंचा कर देंगे। इसके लिए उन्होंने ₹3550 खाते में डालने के लिए कहा । जिसके लिए गाड़ी एयरपोर्ट से होम डिलेवरी की रसीद भी व्हाट्सएप की,बाकी पैसे गाड़ी घर पहुंचने पर गाड़ी चेक करने के बाद दे देना।

इस लोकलुभावन ऑफर में वह लगभग फस गए थे। जब उन्होंने संबंधित को ₹3550 गूगल पे करने के लिए अपने अकाउंट से पहले ₹1 डालने का प्रयास किया तो गूगल का मैसेज आया। यह पेमेंट करने में आपको रिस्क है आप सोच समझकर पेमेंट करें। गूगल के इस मैसेज को देख कर भुगतान करने वाले के दिमाग की बत्ती जल गई और उन्होंने अपने साथ होने वाले फ्रॉड से बच गए।

बाद में उन्होंने सम्बंधित को मैसेज किया कि आप गाड़ी घर भिजवा दो हम पूरा भुगतान एक साथ कर देंगे।

तो सम्बंधित ने जवाब दिया कि आपको एक फौजी भाई पर भरोसा नहीं है जो देश के लिए अपनी जान तक दे देते हैं मैं आपको सारी चीज व्हाट्सएप कर दिया आपको वीडियो कॉल कर दिया आपसे वीडियो कॉल पर बात कर ली। सारे डॉक्यूमेंट व्हाट्सएप कर दिखा देता हूं जो आपको रेडी करवा रहा था लेकिन पता नहीं आपने कैसे विश्वास नहीं कर रहै।