सवारी बसों में एक प्रवेश द्वार दिव्यांगों के लिए बाधा रहित हो- आयुक्त नि:शक्तजन श्री रजक
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सार्वजनिक भवनों में भी दिव्यांगों के लिए बाधा रहित सुविधा उपलब्ध हो
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प्रदेश के नि:शक्तजन आयुक्त श्री संदीप रजक एवं उप सचिव सामाजिक न्याय एवं नि:शक्त कल्याण श्री बूटा सिंह इवने ने शुक्रवार को एडव्होकेसी बैठक लेकर जिले में सामाजिक योजनाओं के संचालन एवं दिव्यांगों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली शासकीय सहूलियतों का समीक्षा की। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री एमएल त्यागी, उप संचालक सामाजिक न्याय श्री संजीव श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

बैठक में श्री रजक ने कहा कि सवारी बसों में दिव्यांगजनों को सहुलियतपूर्ण आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने की दृष्टि से प्रत्येक बस में एक प्रवेश द्वार बाधा रहित बनाया जाए अथवा चलित बाधा रहित रैम्प बस स्टैंड पर उपलब्ध हो। ताकि दिव्यांगजन आसानी से सवारी बसों में प्रवेश अथवा निर्गम कर सके। उन्होंने कहा कि बस स्टेंड पर भी समुचित रैम्प की सुविधा उपलब्ध हो। सभी शासकीय कार्यालयों में दिव्यांगों के आने-जाने के लिए बाधा रहित सुविधा (रैम्प) का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग के कार्यालयों में भी दिव्यांगों के सहूलियत के लिए इस तरह की सुविधाएं उपलब्ध हों। यथासंभव इन कार्यालयों में व्हील चेयर भी मौजूद रहे। श्री रजक ने कहा कि सवारी बसों में शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगों के लिए किराए में 50 प्रतिशत की छूट अनिवार्य रूप से दी जाए।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगों का यूडीआईडी कार्ड होना बहुत जरूरी है। सभी दिव्यांगों के यूडीआईडी कार्ड बनाए जाना सुनिश्चित किया जाए। कोविड वैक्सीनेशन के लिए भी दिव्यांगों को प्राथमिकता से वैक्सीनेशन की सुविधा दी जाए। वैक्सीनेशन केन्द्रों पर जो दिव्यांग टीकाकरण के लिए आ रहे हैं, उनको टीकाकरण करवाने में कोई अड़चन न आए। श्री रजक ने सिनेमाघरों, बैंक, मॉल इत्यादि में दिव्यांगजनों के लिए रैम्प की सुविधा होने की आवश्यकता जताई। इस दौरान उन्होंने सामाजिक सहायता योजना एवं दिव्यांगों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इन योजनाओं में पात्रों को पूरी संवेदनशीलता के साथ लाभ अथवा सहायता प्रदान की जाए। बैठक में अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।