श्मशान घाट जाने के लिए नहीं है रास्ता,श्मशान घाट पर हैं अव्यवस्थायें, सुविधाओं के नाम पर शून्यता

प्रमोद सूर्यवंशी

आमला जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत ससाबड़ में कुछ ऐसी स्थिति है कि लोगों के लिये किसी का दाह संस्कार करना आसान नही है।

बड़ी कठिनाइयों के साथ शव को श्मशान घाट तक लेकर जाते हैं।

श्मशान घाट जाने के लिए रास्ता तक नहीं बनाया गया है ।

कीचड़ ,पानी भरे रास्ते से होकर लोग जैसे तैसे अंतिम यात्रा लेकर जाते हैं।

स्थिति यह है कि एक व्यक्ति का रास्ते पर चलना मुश्किल है और शव को कंधे पर उठाए चार लोग कैसे इस रास्ते से अंतिम यात्रा शवदाह गृह स्थल तक लेकर जाते हैं । यह बहुत ही मुसीबत भरा काम है ।

श्मशान घाट जाने के लिए कोई रास्ता आज तक नहीं बनाया गया।

जो है उस पर भी जगह-जगह पानी और कीचड़ भरा हुआ है।

पगडंडी से लोग जैसे तैसे शव को ले जाकर अंतिम संस्कार का कार्यक्रम निपटाते हैं ।

शव दाह स्थल पर भी अनेकों आव्यवस्थाएं हैं ।

दाह संस्कार के लिए बनाए गए शेड पर टीन ही नहीं है ।

ऐसी स्थिति में बारिश के इन दिनों में लोगों को बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है । कई बार तो शव को अग्नि देने के बाद बारिश शुरू हो जाती है ऐसी परिस्थिति में आग को जलाए रखने के लिए लोगों को घंटों मशक्कत करनी पड़ती है।

श्मशान घाट पर दाह संस्कार के दौरान अन्य लोगों के बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है।

चारों ओर गंदगी का आलम है।

जगह-जगह झाड़ियां उगी हुई है। जिनके कारण जहरीले जीव जंतुओं का खतरा श्मशान घाट आए लोगों पर मंडराता रहता है।

शासन द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना,पंच परमेश्वर योजना के तहत श्मशान घाट पर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अनेकों योजनाएं बनाई गई है ।

लेकिन शासन स्तर से इतनी सुविधा होने के बाद भी जमीनी स्तर पर लोग परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

कई ग्राम पंचायतों में लोगों की सुविधा के लिए श्मशान घाट पर शेड, पौधारोपण ,बैठने के लिए व्यवस्था तक की गई है ।

लेकिन इस ग्राम पंचायत ससाबड़ में सुविधाओं के नाम पर केवल शून्यता है।

अंतिम यात्रा में जाने वाले लोग इतनी अवयस्थाओं के कारण आपस में यह कहने से नहीं चूकते की मरने वाले को ढंग से अंतिम संस्कार करने भी नहीं ले जा सकते।