**शासकीय महाविद्यालय शाहपुर में किया गया एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन**

 

शासकीय महाविद्यालय शाहपुर में विश्व बैंक एवं आइ.क्यू.एसी. के सौजन्य से कोविड-19 महामारी का भारतीय अर्थव्यवस्था और रोजगार पर प्रभाव एवं उनका निराकरण शीर्षक पर एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य विषय विशेषज्ञ के रूप में शासकीय एम एल. बी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय भोपाल के प्राध्यापक डॉ के. एस. पटेल एवं दूसरे विषय विशेषज्ञ वक्ता के रूप में शासकीय जे. एन. एस. स्नातकोत्तर महाविद्यालय शुजालपुर की सहा. प्राध्यापक प्रो.भूमी व्यास शामिल हुवे।

कार्यक्रम के संयोजक डॉ. संजय बाणकर ने कार्यक्रम की शुरुआत में महाविद्यालय द्वारा आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के उद्देश्य एवं होने वाले लाभों से सभी प्रतिभागियों को अवगत कराया उन्होंने कहा कि आज कोई देश यह नहीं सोच रहा है कि हम उपभोग की कौन सी सामग्री पैदा करें बल्कि यह सोच रहा है कि जीवन बचाने के लिए कौन सी औषधि विकसित करें । महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एम.डी. वाघमारे ने सभी विषय विशेषज्ञ वक्ताओं और कार्यक्रम में शामिल सभी शोधार्थी एवं विद्यार्थियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया

और कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान जो अर्थव्यवस्था की गति धीमी हुई है उसे तेज करने हेतु लघु एवं कुटीर उद्योगों को महत्व देने की आवश्यकता है। इसी कड़ी में डॉ. के. एस.पटेल ने अपने व्याख्यान में कहा कि कृषि आधारित उद्योग धंधे हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। शासन द्वारा कृषि आधारित जो योजनाएं हैं उनका सीधे लाभ ग्रामीण एवं बेरोजगार युवाॉ को मिले जिससे वह निकटतम गांव या स्थान पर ही रोजगार प्राप्त कर लेंगे। उन्होंने बताया कि 2020-21 में 60 प्रतिशत रोजगार कृषि क्षेत्र से ही कोविड-19 महामारी के दौरान उपलब्ध हुए। गांधी जी का भी सपना कृषि स्वराज था और कृषि क्षेत्र के योगदान से ही हमें महामारी के दौरान अन्न की कमी महसूस नहीं हुई। कार्यक्रम की दूसरी वक्ता प्रो.भूमि व्यास ने बताया कि तकनीकी ज्ञान और बाजार की

आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर पाठ्यक्रम तय किए जाएं एवं कंपनियों और उद्योगों से अनुबंध करके युवाओं को प्रशिक्षित किया जाए जिससे उन्हें रोजगार प्राप्त करने में आसानी होगी क्योंकि बड़ी-बड़ी डिग्री हासिल करने के बाद भी युवक बेरोजगारी का सामना करता है।
कार्यक्रम में आइ.क्यू.एसी. प्रभारी डॉ. शीतल चौधरी ने महाविद्यालय में आइ.क्यू.एसी. की भूमिका पर प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल के दौरान जो वेबीनार आयोजित किए गए हैं उनमें कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया है

जो आगे भी चलेगा जबकि डॉ नितेश पाल ने विश्व बैंक से संबंधित महाविद्यालय में विभिन्न विकास कार्यों से अवगत कराया कार्यक्रम का संचालन डॉ शीतल चौधरी द्वारा किया गया। डॉ. सचिन नागले ने कार्यक्रम मैं शामिल सभी विषय विशेषज्ञ, शोधार्थियों, एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया एवं कौशल आधारित शिक्षा से विद्यार्थियों को अवगत कराया ।

महाविद्यालय के इस एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबीनार में लगभग 340 प्रतिभागियों नेअपना रजिस्ट्रेशन कराया और कार्यक्रम में शामिल हुए। वेबीनार की सलाहकार समिति में डॉ. देवेंद्र कुमार रोडगे एवं प्रो. नीतू जयसवाल तथा आयोजक समिति में प्रो. राकेश हनोते, प्रो. अजबराव इवने, प्रो. सी. के. बागमारे, डॉ. पूनम देशमुख. डॉ पवन सिज़ोरिया,डॉ. ओम झा, प्रो. मीनाक्षी ठाकुर, प्रो. ज्योति वर्मा, डॉ. सुभाष वर्मा, प्रो. राजेंद्र ठाकुर, प्रो. अल्केश सुनारे, शामिल थे।