वन विभाग की कार्यवाही से रेत माफिया में हड़कंप ,जांच मैं आरोपियों पर दर्ज हो सकता है मामला

घोड़ाडोंगरी । यहां के बासपुर में वन विभाग द्वारा की गई छापामार कार्यवाही से रेत माफिया में हड़कंप मचा हुआ है।

वन विभाग की छापामार कार्यवाही से घबराकर रेत माफिया रेत से भरी हुई ट्रालीयों को छोड़कर भाग खड़ा हुआ।

वन विभाग ने 3 रेत से भरी हुई ट्राली जप्त की है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वन विभाग ने अयोध्या में अपने फॉरेस्ट क्षेत्र का भी निरीक्षण किया है। जिसमें वन क्षेत्र में नदी में गड्ढे पाए हैं और यह माना है कि आरोपी वन क्षेत्र से रेत का अवैध उत्खनन कर रहे थे।

इस मामले में मौके पर किसी के नहीं मिलने के कारण फिलहाल अज्ञात आरोपियों पर मामला दर्ज कर तीन ट्रैक्टर ट्राली जप्त कर ली है ।

लेकिन सूत्रों की माने तो जांच में आरोपियों पर मामला दर्ज हो सकता है। क्योंकि सभी ट्रालियों पर फोन नंबर लिखे हुए हैं ।

जिनसे पूछताछ में असली अपराधी तक वन विभाग पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में रेत का अवैध उत्खनन करने वालों पर मामला दर्ज होने का खतरा मंडरा रहा है।

रेत माफिया के हौसले बुलंद अयोध्या में रात और दिन होता है रेत का उत्खनन बड़े-बड़े लोग हैं शामिल।

जिले में बासपुर क्षेत्र रेत की चोरी को लेकर कुख्यात है। यहां की तवा नदी की रेत की डिमांड दूर-दूर तक है। बासपुर की तवा नदी से अवैध रूप से रेत निकालने में जिले के कई बड़े-बड़े रेत माफिया सक्रिय है।

जो बासपुर क्षेत्र के लोगों के साथ मिलकर तवा नदी से रेत निकालने का काम करते हैं । तवा नदी से दिन में कम और रात में ज्यादा रेत निकाली जाती है ।

ट्रैक्टरों का उपयोग केवल नदी से रेत को बाहर निकालने में किया जाता है। रेत को नदी से बाहर लाकर जहां तक बड़े डंपर पहुंच सके ऐसी जगह डम्प किया जाता है।

उसके बाद बड़े-बड़े डम्परों में रेत भरकर जिले के कई क्षेत्रों में रेत पहुंचाई जाती है।

रेत के कारोबार में कई बड़ी हस्तियां शामिल है ।

स्थानीय क्षेत्र के ट्रैक्टर चालक 300 से ₹400 प्रति ट्रिप के हिसाब से नदी से रेत निकाल कर किनारे पर डंपिंग करते हैं ।

उसके बाद रेत का असली खेल शुरू होता है ।बड़े-बड़े डंपर मैं भरकर रेत जिले के बैतूल मुलताई आठनेर चिचोली सहित अन्य स्थानों पर पहुंचाई जाती है।

यहां से रेत निकालने वाले गरीब चोरों को मिलता है 300 से ₹400 रुपये और उसके बाद केवल तीन चार ट्राली रेत से भर जाने वाले डम्परों के द्वारा एक हजार में खरीदे रेत को 15 से 20 हजार रुपये में लोगो को बेचा जाता है।

इस अवैध रेत के उत्खनन में बड़े-बड़े माफिया भी शामिल हैं।

ग्रामीण बताते है कि करीब एक सैकड़ा डम्पर रेत एक दिन में जाती है। बासपुर रेलवे गेट से ही अधिकांश डंपर निकलते है।

रेत के अवैध उत्खनन में लिप्त डंपर सुबह से ही घोड़ाडोंगरी क्षेत्र में आ जाते हैं और आने के बाद इधर-उधर या गांव में या ढाबों पर खड़े रहते हैं।

रात होते ही रेत का असली खेल शुरू होता है ।नदियों में जाकर ट्रैक्टर द्वारा रेत बाहर निकाली जाती है दिन में भी 3 – 4 ट्रैक्टर लगे रहते हैं । रात में ही असली खेल शुरू होता है रात भर रेत उत्खनन का काम चलता है नदी से रेत निकालते हैं और फिर डम्परों में भरकर जिले भर में पहुंचा दी जाती है ।

कहां है अयोध्या

बासपुर से बंदीढाना होकर डुलारा जाने वाला मार्ग पर तवा नदी के पास के स्थान को अयोध्या कहा जाता है ।

यहां बरसों से रेत का अवैध उत्खनन निरंतर चल रहा है। यह क्षेत्र वन विभाग के अंतर्गत आता है ।इसलिए यहां पर फॉरेस्ट द्वारा की गई कार्यवाही में 3 ट्रालीओ को जप्त किया गया। लेकिन अगर बड़ी टीम बनाकर रात में छापामार कार्यवाही हो तो बड़े-बड़े डंपर और करीब एक सैकड़ा वाहन पकड़े जा सकते हैं।