*यूरिया के लिए मशक्कत कर रहे किसान*

*कम आवंटन के कारण किसानों को मिल रही कम यूरिया*

*जितेन्द्र निगम – चिचोली*

 

*लंबे समय से बारिश नही होने से क्षेत्र के किसान एक और फसलों के सूखने की आशंका से परेशान हैं वहीं दूसरी ओर किसानों को खेतों में खड़ी फसलों को बचाने के लिए खाद के लिए मशक्कत करना पड़ रहा है. क्षेत्र की सहकारी समितियों में खाद के लिमिटेड स्टॉक के कारण किसानों को कम मात्रा में खाद दिया जा रहा है . इसके लिए भी किसानों को सुबह से शाम तक लाइनों में लगना पड़ रहा है.*

*भारतीय किसान संघ के प्रदीप शुक्ला ने बताया कि सहकारी समितियों में केवल सदस्य किसानों को ही यूरिया दिया जा रहा है. यूरिया के कम आवंटन के कारण किसानों को मांग से कम यूरिया दिया जा रहा है और उसके लिए भी किसानों को सुबह से शाम तक सहकारी समितियों के कार्यालयों में लाइन लगानी पड़ती है. श्री शुक्ला ने बताया कि कभी-कभी तो बायोमैट्रिक सिस्टम के सर्वर के काम नहीं करने के कारण किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ता है. मंगलवार को सहकारी समिति के परिसर में भी कुछ ऐसा ही नजारा दिखा. सुबह 6:00 बजे से यूरिया के लिए इंतजार कर रहे किसानों ने अपनी ऋण पुस्तिकाओं को ही लाइन में लगा दिया . किसानों की समस्याओं को संज्ञान में लेकर तहसीलदार ओमप्रकाश चोरमा ने तत्काल सहकारी समिति के प्रबंधक एवं अन्य कर्मचारियों से चर्चा की. चर्चा में प्रबंधक ने बताया कि जिस अनुपात में यूरिया का आवंटन किया जा रहा है उसी अनुपात में किसानों को यूरिया प्रदान किया जा रहा है. तहसीलदार ने सहकारी समिति के प्रबंधक को किसानों को टोकन प्रदान करने के निर्देश दिए हैं जिससे कि परिसर में किसानों की भीड़ इकट्ठी न हो . तहसील मुख्यालय के संग्रहण केंद्र प्रभारी के पी मिश्रा ने बताया कि आदिम जाति सेवा सहकारी समिति चिचोली को हाल ही में 50 टन यूरिया दिया गया है .जल्द ही और यूरिया प्राप्त होने पर अधिक आवंटन किया जाएगा.*