मुंबई में तेज वर्षा के कारण भूस्‍खलन और दीवार गिरने की विभिन्‍न घटनाओं में 25 लोगों की मौत


मुंबई के कई इलाकों में कल पूरी रात तेज वर्षा के बाद जमीन खिसकने और दीवार गिरने की तीन घटनाओं में 25 लोग मारे गए और कई अन्‍य घायल हो गए। ये तीनों घटनाएं मुंबई के पूर्वी और मध्य उपनगरीय इलाकों में हुईं।

चेंबूर इलाके में दीवार गिरने की घटना में 17 लोग मारे गए हैं। जबकि विकरोली में जमीन धसने से पांच झुगियां ढह गईं, जिससे सात लोगों की मृत्‍यु हो गई। उधर, भांडुप में दीवार गिरने की घटना में एक व्‍यक्ति के मारे जाने की खबर है। महाराष्‍ट्र के राष्ट्रीय आपदा मोचन बल-के कमाण्‍डर अनुपम श्रीवास्‍तव ने आकाशवाणी को बताया कि 16 लोगों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया है। कुछ लोगों को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है और बचाव कार्य जारी है।

उधर रेलवे अधिकारियों ने बताया है कि पटरियों पर पानी भर जाने के कारण मुंबई की मध्‍य और पश्चिम रेलवे की उपनगरीय रेल सेवाएं रद्द कर दी गई हैं।

मौसम विभाग ने तेज वर्षा को देखते हुए मुम्बई के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मुम्बई के चेंबूर और विक्रोली में भारी बारिश के कारण लोगों के हताहत होने पर दुख व्यक्त किया है। उन्‍होंने एक ट्वीट में शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई के चेंबूर और विक्रोली में दीवार गिरने से लोगों की मौत पर दुख जताया है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि उनकी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं और वे घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। उन्‍होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख और घायलों को पचास-पचास हजार रुपये दिए जाएंगे।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दीवार गिरने और जमीन धंसने की घटनाओं में लोगों के मारे जाने पर दुख व्यक्त किया है और मृतकों के निकटतम परिजन को पांच-पांच लाख रूपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। मुम्बई में कुर्ला के क्रान्तिनगर इलाके के लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है क्योंकि मीठी नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है।

दादर, परेल, हिंदमाता और माटुंगा सहित मुम्बई के कई उपनगरीय निचले इलाकों में पानी भर गया है।

उधर, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से चलने वाली कई रेलगाडियों के समय बदल दिए गए हैं और कुछ को रद्द कर दिया गया है। पालघर के कई इलाकों में भी बहुत अधिक जल भराव हुआ है।