*मंहगाई के दिलचस्प आंकड़े-*

*मेरी भी उम्र 67 पार कर गयी -और सालों से मैं भी व्हीकल काम में ले ही रहा हूं-*

*आज, अपनी कार चलाते समय, मैं कुछ एफएम चैनल पर हाल ही में पेट्रोल वृद्धि के बारे में कुछ चर्चा सुन रहा था- लगभग सभी अभूतपूर्व मूल्य वृद्धि के लिए केवल केंद्र को दोषी ठहरा रहे थे जो अब अधिकांश राज्यों में 100/ Lt है-*

*मेरे विचार- 70 के दशक में वापस चलें जब मैं 2-व्हीलर सीख रहा था-*

*तब कीमत ₹3.12 और 25 सीसी तेल के लिए 12 पैसे थी- एक लीटर के लिए 3.12 + .12 = 3.24 और 3 लीटर पेट्रोल और शेष हवा भरने के लिये योग ₹10/- (टिप्स सहित )- आज की दर उसी 3 लीटर के लिए ₹300/- है जो 30 गुना अधिक है-*

*लेकिन तब चाय (सड़क के किनारे की दुकान) 20 पैसे थी और अब ₹10/ जो कि 50 गुना ज्यादा है-*

*इंडियन एक्सप्रेस अखबार एक महीने के लिये ₹5.70 में बेचा गया था, जो अब ₹240/- लगभग 42 गुना अधिक है-*

*शाकाहारी एक साधारण होटल में भोजन तब पहले ₹3/- से भी कम था 1963 में तो महज 50 पैसे और अब ₹120/- है जो कि 40 गुना अधिक है-*

*एक सामान्य थिएटर में सिनेमा टिकट की कीमत औसत*

*₹ 2.50 थी जो अब ₹120/- से कम नहीं है जो फिर से 48 गुना अधिक है-*

*फूल माला – एक 25 पैसे के आसपास थी जो अब ₹20/- – 80 गुना ज्यादा बिक रही है-*

*न्यूनतम बस का किराया औसतन 10 पैसे था और अब यह 4 रुपये है जो फिर से 40 गुना अधिक है-*

*नयी बस्तियों में एक नया फ्लैट/RHB का मकान केवल ₹30,000/- के आसपास था, जबकि यह लगभग 1 से 1.5 करोड़ (उसी कुर्सी क्षेत्र के लिए) है जो 400से 500 गुना अधिक है-*

*एक ग्राम के लिए सोना लगभग ₹30/- पर बेचा जाता था,जो आज न्यूनतम ₹4500/- है जो फिर से 150 गुना से अधिक है-*

*क्लर्कों के लिये औसत केंद्र सरकार का वेतन ₹250/- था और उसी व्यक्ति की पेंशन लगभग ₹25000/- से आज अधिक ही होगी जो फिर से 100 गुना अधिक है-*

*उपरोक्त स्तिथि से निपटने वाले सभी “व्यापारिक घराने” शायद सरकार द्वारा चलाये जाने वाले परिवहन को छोड़कर सभी फल-फूल रहे हैं-*

*चन्द दिन पूर्व मैने ही लिखा था कि उसी समय एक बार शक्कर की कीमत बेतहाशा बढने पर,एक चाय वाले ने कीमत 1/- से सीधे ₹1.50 कर दी थी जबकि हिसाब लगाया तो पाया कि प्रति कप बड़ी हुयी शक्कर का मूल्य महज 3 पैसे ही था-*

*तो फिर अकेले पेट्रोल वृद्धि के लिए इतना हो-हल्ला क्यों-?*

*जबकि विपक्ष सहित सब जानते हैं कि उस आय का उपयोग महामारी व देश की सुरक्षा हेतू हो रहा है जिसकी तत्काल आवश्यकता बढ गयी है-*

*विचार तो करें -*