भ्रष्टाचार और सरकारी कार्य में गड़बड़ी की आरोपित सीईओ शाहपुर के खिलाफ जदयू ने चुनाव आयुक्त से की शिकायत।

शाहपुर: शाहपुर जनपद में पदस्थ महिला सीईओ कंचन डोंगरे की मुसीबतें कम होती नजर नहीं आ रहीं, सरकारी पद पर दबंगता के साथ भ्रष्टाचार के आरोप से घिरी कंचन डोंगरे के खिलाफ अब राजनैतिक दल भी प्रखर हो कर खिलाफत करते नजर आ रहे है, बतादे की भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी सिविल अधिकारी अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार एवं दवाब में कार्य करवाने को लेकर डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की नजरों में भी चढ़ी हुई हैं,कलेक्टर बैतूल ने भी इन्ही आरोपों को लेकर जांच एवं स्पष्टीकरण का नोटिस जारी कर सीईओ शाहपुर को तलब किया है, इन्ही आरोपों को देखते हुए शाहपुर से जदयू मध्यप्रदेश के प्रदेश महासचिव विनोद मालवीय द्वारा आगामी चुनाव में इस अधिकारी के द्वारा आशंकित गड़बड़ी को देखते हुए चुनाव आयुक्त बी एस जामोद को पत्र लिख सूचना दी है विनोद मालवीय ने पत्र व्यवहार के जरिए श्री जामोद को सीईओ कंचन डोंगरे के खिलाफ सरकारी आदेशों का हवाला देते हुए बताया है कि शाहपुर जनपद की 22 पंचायतों के सरपंचों ने सीईओ कंचन डोंगरे के खिलाफ जिला सीईओ को कुछ समय पहले सबूत के साथ बताया था कि सीईओ भ्रष्टाचार की सीमा को भी लांघ चुकी है साथ ही बे धड़क तरीके से सीईओ कंचन डोंगरे पंचायत के सभी निर्माण कार्यों में दस

प्रतिशत हिस्सा मांगती है, श्री मालवीय ने बताया कि इस अधिकारी की ऊपर तक अफसरों से पोहोंच होने के कारण न तो जिला स्तरीय अधिकारी भ्रष्ट सीईओ का कुछ कर पा रहे न ही कोई नेता कुछ कर पा रहा है अपने पद का दुरुपयोग कर कई बार पत्रकारों से भी अभद्रता की खबर जन संवाद में मुझे मिलती रहती है यहां तक की इसके स्थानांतरण का भी सरकारी आदेश आ चुका है, शाहपुर जनपद एक आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है यहां की पंचायत के सरपंच एवं कर्मचारी मुखर हो कर विरोध नहीं कर पाते जिस कारण यह भ्रष्ट सीईओ यहाँ से जाना नहीं चाहती आगामी पंचायत एवं नगरीय निकाय के चुनावों में भी इसके द्वारा सत प्रतिशत गड़बड़ी की जाएगी जी सीईओ का जिला सीईओ और कलेक्टर भी सबूत होने पर कुछ न कर पाए उसका आम जनता और पंचायत कर्मी क्या कर सकते है अपनी जेब भरने में लगी इस महिला सीईओ के खिलाफ कई बार कार्यवाही हो चुकी है साथ ही सस्पेंशन भी हो चुका है अपनी पोहंच से यह बहाली लेकर शाहपुर जनपद में प्री प्लांड मानसिकता से पदस्थ हुई ताकि उस पद की गरिमा को तार तार कर अपने भ्रष्ट चरित्र को आगे लाए , एक महिला होने के नाते महिला का सम्मान करना आवश्यक है परंतु जो दूसरी महिलाओं का चूला न जलने दे उसे इस क्षेत्र में हम नही रहने देंगे, इसी बाबत चुनाव आयोग से पत्र व्यवहार कर मेने अपनी चिंता व्यक्त को है, वही क्षेत्र के नागरिक होने के नाते एवं एक जनप्रतिनिधि के नाते में सभी सामाजिक एवं राजनैतिक संगठनों से निवेदन करता हूं की इस प्रकार के भ्रष्टाचार पर अपनी आवाज समाज के लिए उठाए