ब्लैक फंगस की संभावना वाले संक्रमितों पर रखी जा रही है पैनी नजर
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कंट्रोल सेंटर से ली जा रही है जानकारी
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जिले में ब्लैक फंगस के दृष्टिगत समस्त संदिग्ध अथवा संक्रमित ऐसे कोविड रोगी जिनका इलाज किसी अस्पताल में हुआ है और विगत एक माह में डिस्चार्ज हुए हैं, पर सतत निगरानी रखी जा रही है। जिन रोगियों को लंबे समय तक ऑक्सीजन लगाया गया है, जो मधुमेह/उच्च रक्तचाप से ग्रसित हैं, कैंसर ग्रसित हैं, किडनी संबंधी रोग, वृद्धजन, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, जिन्होंने स्टेरॉयड का सेवन किया है अथवा जिनको ब्लैक फंगस होने की संभावना है, उनको सूचीबद्ध किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित गया है कि समस्त प्राइवेट अस्पतालों से भी ऐसे रोगियों की जानकारी तत्काल प्राप्त की जाए।

कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैंस ने जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन एवं समस्त खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि उक्त समस्त रोगियों के संपर्क नंबर जिला स्तरीय एवं खंड स्तरीय कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराएं। कंट्रोल रूम प्रभारी का दायित्व होगा कि समस्त रोगियों से संपर्क कर उन्हें ब्लैक फंगस के लक्षण की जानकारी दें। यदि किसी व्यक्ति द्वारा कोई लक्षण होना बताया जाता है तो उसकी जांच एवं रैफरल की व्यवस्था की जाए। शेष लोगों को भी लक्षण आने की स्थिति में कंट्रोल रूम नंबर 1075 को तत्काल सूचित करने के लिए कहा जाए।

कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि किल कोरोना-3 सर्वे के दौरान सभी कोविड रोग मुक्त हुए व्यक्तियों से भी ग्राम दलों द्वारा संपर्क किया जाए एवं ब्लैक फंगस संभावित रोगी की जानकारी तत्काल संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारी अथवा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दी जाए। इसके साथ-साथ एक माह में होम आइसोलेशन से डिस्चार्ज समस्त व्यक्तियों को भी जिला कोविड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर से कॉल लगाया जाकर ब्लैक फंगस के बारे में पूछताछ के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कहा गया है कि संदिग्धों को भी चिन्हांकित किया जाए।
कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन एवं समस्त खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ब्लैक फंगस से संबंधित समस्त प्रकरणों को यथासमय चिन्हांकित किया जाए एवं आवश्यकता पडऩे पर समुचित उपचार की व्यवस्था की जाए।