पीएचडी की प्रक्रिया पर परिचर्चा
बड़वानी | 20-जुलाई-2021

     प्राचार्य डॉ. एनएल गुप्ता के मार्गदर्षन में कार्यरत शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बड़वानी के स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्षन प्रकोष्ठ द्वारा विद्यार्थियों को पीएच.डी. की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई।
       कॅरियर काउंसलर और पीएच.डी. के शोध निदेषक डॉ. मधुसूदन चौबे ने बताया कि सर्वप्रथम स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त करना आवष्यक है। इसके उपरांत प्रवेष परीक्षा, कोर्स वर्क, कोर्सवर्क परीक्षा, आवेदनपत्र और सिनॉप्सिस जमा करना, आरडीसी से अनुषंसा, अनुसंधान कर शोध सारांष और शोध प्रबंध तैयार करना, प्री-प्रजेंटेषन, मौखिक परीक्षा आदि स्टेप्स के जरिये पीएच.डी. की जाती है। इसमें लगभग एक लाख रुपये खर्च हो जाते हैं। विष्वविद्यालय, शोध केन्द्र, केन्द्रीय पुस्तकालय आदि की फीस, टाइपिंग, फोटोग्राफी, बाइंडिंग आदि पर राषि खर्च होती है। पीएच.डी. की डिग्री के आधार पर मुख्य रूप से उच्च षिक्षा में सहायक प्राध्यापक, लायब्रेरियन, स्पोर्टस ऑफिसर आदि के रूप में कॅरियर बनाया जा सकता है। न्यूनतम दो वर्षों में और अधिकतम चार वर्षों में पीएच.डी. की जा सकती है। चार वर्ष बाद भी अवधि बढ़ाने के प्रावधान हैं। सहयोग प्रीति गुलवानिया, किरण वर्मा,  जितेंद्र चौहान ने दिया।