पिछड़े वर्ग के छात्रावासों में भी हो अन्य छात्रावासों की तरह सुविधाएं : मंत्री श्री Bisahu Lal Singh

खाद्य मंत्री की अध्यक्षता में गरीब कल्याण मंत्री समूह ने की पिछड़ा वर्ग, श्रम एवं नगरीय कल्याण विभाग की समीक्षा

खाद्य मंत्री श्री बिसाहूलाल सिंह की अध्यक्षता में अंतरविभागीय मंत्री समूह द्वारा गरीबों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं एवं उपलब्धियों की समीक्षा की गई। इसके अंतर्गत नगरीय प्रशासन एवं विकास, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण, घुमक्कड़- अर्द्ध घुमक्कड़ एवं श्रम विभाग की योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, नवीन एवं नवकरणीय उर्जा एवं पर्यावरण मंत्री श्री हरदीप सिंह डंग, पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अल्पसंख्यक कल्याण एवं घुमक्कड़ अर्द्ध घुमक्कड़ मंत्रीश्री राम खिलावन पटेल, प्रमुख सचिव खाद्य श्री फैज़ अहमद किदवई, आयुक्त एवं सचिव श्री अग्रवाल भी उपस्थिति थे।

घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुम्मक्कड़ समुदाय के लोगों का हो सर्वे

खाद्य मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ समुदाय के लोगों की संख्या सुनिश्चित करने के लिए इनका सर्वे कराया जाए जिससे वन नेशन वन राशन कार्ड योजना में इस समुदाय के लोगों के राशन कार्ड बनाये जा सकेंगे। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि घुमक्कड़ समुदाय के बच्चों के एक ही स्थान पर नहीं रहने के कारण की उन्हें शिक्षा एवं अन्य सुविधाएँ ठीक ढंग से पूरी नहीं मिल पाती। इनके बच्चों के लिए आवासीय छात्रावास बनवाए जाने चाहिए, जिससे वे एक ही स्थान पर निवास कर अपनी जिंदगी को स्थायित्व दे सकें।

पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों में भी हो भोजन सुविधा

मंत्री श्री बिसाहूलाल सिंह ने कहा कि पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए बनाए गए छात्रावासों का भी विस्तार होना चाहिए। अभी दस से बीस सीटर वाले छात्रावास हैं, परंतु इन छात्रावासों में भोजन आदि की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इन छात्रावासों में भी अन्य एससी एसटी छात्रावासों की तरह भोजन व्यवस्था की सुविधा भी मुहैया कराई जानी चाहिए।

बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री श्री चौहान की आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश की कल्पना को साकार करने के लिए पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए तुरंत प्रस्ताव बनाया जाए। जिससे पिछड़े वर्ग के कल्याण की योजनाओं के क्रियान्वयन को मूर्त रूप दिया जा सके।

मुख्यमंत्री निराश्रित आश्रय स्थल योजना

नगरीय प्रशासन विभाग के अंतर्गत संचालित 119 आश्रय स्थलों के संचालन एवं संधारण के भारत सरकार द्वारा वित्तीय प्रावधान 5 वर्ष के लिए किए गए थे। इसके आगे इन आश्रय स्थलों के संचालन के लिए इस योजना का नाम मुख्यमंत्री निराश्रित आश्रय स्थल योजना बनाए जाने का प्रस्ताव भी बैठक में दिया गया। इसी के साथ दीनदयाल अंत्योदय योजना के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, अंत्योदय रसोई योजना का लाभ जन-मानस तक पहुँचाने के उद्देश्य से चलाई जा रही इन योजनाओं में सुधार एवं सुदृढीकरण के प्रस्ताव समिति के समक्ष रखे गए।