*दो वर्षों से नियुक्ति की राह देख रहे चयनित शिक्षक*

*कोरोना काल के कारण बार-बार टल रही है नियुक्ति प्रक्रिया*

*सांसद से मिलकर की हस्तक्षेप की मांग*

*जितेन्द्र निगम – चिचोली*

*दो वर्ष पूर्व संविदा भर्ती परीक्षा वर्ष 2018 के माध्यम से चयनित हुए शिक्षकों ने गुरुवार को क्षेत्रीय सांसद दुर्गादास उईके से मुलाकात कर जल्द से जल्द नियुक्ति दिलाने की मांग की. चयनित शिक्षक संघ के अंकुश चौहान, राजू बाथरी, धनेश्वर बिहारे, धनराज सातनकर , रविंद्र नानोटे ने बताया कि वर्ष 2018 में संविदा भर्ती के विज्ञापन के प्रकाशित होने के बाद उन्होंने भर्ती परीक्षा दी थी. इस परीक्षा का परिणाम 29 नवंबर 2019 को घोषित किया गया. 10 फरवरी को प्रावधिक चयन सूची एवं प्रतीक्षा सूची जारी की गई थी. और इसके तत्काल बाद ही अभिलेख सत्यापन प्रक्रिया शुरू हुई. चयनित शिक्षकों ने बताया कि सत्यापन प्रक्रिया शुरू होने के बाद उन्हें जल्द से जल्द शिक्षा विभाग के विभिन्न स्कूलों में नियुक्ति की उम्मीद बंधी थी. लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते प्रक्रिया स्थगित कर दी गई. अप्रैल 2021 में सत्यापन की प्रक्रिया एक बार पुनः शुरू हुई लेकिन इस बार भी कोरोना के संक्रमण के कारण सत्यापन प्रक्रिया स्थगित कर दी गई. वर्तमान वर्ष में 7 एवं 8 जून को पुनः सत्यापन प्रक्रिया शुरू की गई थी. लेकिन अभी तक चयनित शिक्षकों की नियुक्ति शासन द्वारा नहीं की गई है. चयनित शिक्षकों ने बताया कि ढाई साल तक चली लंबी प्रक्रिया के बाद नियुक्ति नहीं मिलने से वे आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हो गए हैं. उन्होंने सांसद दुर्गादास उईके को अपनी व्यथा सुनाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उन्हें शीघ्र नियुक्ति दिलाने की मांग की है . चयनित शिक्षकों ने 15 जुलाई 2021 तक नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण नहीं किए जाने पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है .*

 

*सांसद ने मुख्यमंत्री को तुरंत लिखा पत्र*

*चयनित शिक्षक संघ द्वारा सांसद को ज्ञापन सौंपने के बाद सांसद ने शिक्षकों के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए तत्काल ही मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में हस्तक्षेप का अनुरोध किया है. सांसद ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में अनुरोध किया है कि चयनित शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जा कर उन्हें नियुक्ति प्रदान की जाना चाहिए*