दोनों पक्षों को समझाइश देकर हटवाई मूर्तियां

घोड़ाडोंगरी । यहां का रानीपुर चौक इन दिनों चर्चाओं में छाया हुआ है ।रानीपुर चौक पर घोड़ाडोंगरी क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय भोन्दे सिंह जी कवडे की प्रतिमा की स्थापना बाजारढाना के लोगों द्वारा तीन दिन पूर्व की गई थी ।

उसके बाद बगडोना के लोगों द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय विष्णु सिंह जी की प्रतिमा की स्थापना भी कल शनिवार रात्रि को कर दी गई ।

वही ओझढाना के कुछ लोगों का लोगों का कहना था कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय मंशु ओझा की प्रतिमा की भी स्थापना की जाएगी।

इन सब बातों के संज्ञान में आने के बाद प्रशासन अलर्ट हुआ।

रानीपुर, सारणी, घोड़ाडोंगरी , चोपना से पुलिस बल रात 11:00 बजे के लगभग रानीपुर चौक पर एकत्रित हुआ।

मिली जानकारी के मुताबिक तहसीलदार वेदनाथ वासनिक, मुख्य नगरपालिका अधिकारी जीआर देशमुख भी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को बुलाया।

अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाइश दी की स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राष्ट्र की धरोहर है । किसी की निजी संपत्ति नहीं है ।अगर मूर्तियां स्थापित भी करनी है तो उन्हें विधिवत रूप से शासन से परमिशन लेकर स्थापित की जाए और सम्मान पूर्वक स्थापित की जाए।

इस तरह से स्थापित करने से आपसी विवाद की स्थिति बन सकती है । अधिकारियों की समझाइश के बाद दोनों ही पक्षों ने अधिकारियों की बातों पर अपनी सहमति व्यक्त की और दोनों ही मूर्तियां संबंधितो को सौंप दी गई।

मूर्तियों के लिए बनाए गए स्तंभ को तोड़कर हटाया गया।