लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत स्वस्थ परंपराएं होती हैं। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सदन में प्रधानमंत्री जी द्वारा नवागत मंत्रियों का परिचय कराना संसदीय परंपरा रही है। आज लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर में विपक्ष ने हंगामा कर इस परंपरा को तार-तार किया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण व निंदनीय है।नरोत्तम मिश्रा

मैं सोच रहा था कि आज सदन में उत्साह का वातावरण होगा, क्योंकि बहुत बड़ी संख्या में महिला सांसद, दलित भाई, ​आदिवासी, किसान परिवार से सांसदों को मंत्री परिषद में मौका मिला।

लेकिन शायद देश के दलित, महिला, ओबीसी, किसानों के बेटे मंत्री बनें, ये बात कुछ लोगों को रास नहीं आती है- पीएम