प्राकृतिक चिकित्सा का अध्यन कर रहें मलय जैसवाल ने बताया की दिल्ली उत्तर प्रदेश जैसे प्रदेशों में डेंगू के हालात बेकाबू होते जा रहे है ऐसे में हम किस प्रकार घर पर रह कर ठीक हो सकते है उन्होंने बताया कि डेंगू एक ऐसी बीमारी है जिससे हर साल कई लोगों की मृत्यु हो जाती है। यह (Aedes egypti) नामक प्रजाति के मच्छरों से फैलता है। यह तब फैलता है जब मच्छर ने पहले किसी रोगी को काटा हो और वह किसी स्वस्थ व्यक्ति के खून में उस वायरस को पहुँचा दें।

डेंगू क्या है (What is Dengue?)
। डेंगू में बहुत तेज बुखार होता है। इसे (Breakbone fever) भी कहा जाता है क्योंकि इसमें रोगी हड्डी टूटने जैसा दर्द होता है।

डेंगू के लक्षण (Dengue Symptoms)

सिर्फ लक्षण देखकर ही नहीं खून की जाँच के बाद ही डेंगू का पता चलता है। डेंगू होने पर रोगी को ये लक्षण महसूस होते हैंः-

यह वायरस से संक्रमित होने के 3 से 14 दिनों के बाद ही किसी व्यक्ति में लक्षण दिखते हैं। ज्यादातर 4 या 7 दिनों के बाद लक्षण दिखना शुरू हो जाते है।
डेंगू वायरस के खून में फैलने के एक घंटे में ही (Joints) में दर्द शुरू हो जाता है और व्यक्ति को 104 डिग्री तक बुखार भी आ सकता है। और
(Blood pressure) का तेजी से गिरन हृदयगति का कम होना।
आँखों का लाल होना और दर्द होना।
चेहरे पर गुलाबी दाने दिखना डेंगू का सूचक है।
भूख न लगना, सिर दर्द, ठंड लगना, बुखार आना। इन चीजों के साथ डेंगू की शुरुआत होती है।
यह सभी लक्षण डेंगू के पहले चरण में होते हैं। यह चार दिन तक चल सकते है।


डेंगू के दूसरे चरण में बढ़ा हुआ शरीर का तापमान कम हो जाता है और पसीना आने लगता है। इस समय शरीर का तापमान सामान्य होकर रोगी बेहतर महसूस करने लगता है, लेकिन यह एक दिन से ज्यादा नहीं रहता।
डेंगू के तीसरे चरण में शरीर का तापमान पहले से और अधिक बढ़ने लगता है और पूरे शरीर पर लाल दाने दिखने लगते हैं।

आइए अब जानते है डेंगू के उपचार

गिलोय बुखार के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण जड़ी बूटी है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाए रखने और शरीर की संक्रमण के विरुद्ध रक्षा में मदद करते हैं। गिलोय के तने को उबाल कर इसका काढ़ा बना कर पिएँ। गिलोय ना मिलने पर pharmacy पर गिलोय स्वरस उपलब्ध होती ।

पपीते के पत्ते डेंगू बुखार में बहुत लाभदायक होते हैं। पपीते में पोषक तत्वों और कार्बनिक यौगिकों का मिश्रण प्लेटलेट्स (Platelets) की संख्या में वृद्धि करता है।

तुलसी के पत्ते डेंगू बुखार में बहुत फायदेमंद साबित होते हैं। यह शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालते हैं और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाते हैं। 5-7 तुलसी के पत्तों को पानी में उबालकर काढ़ा बनाएं और इसमें एक चुटकी काली मिर्च मिलाकर पिएँ।

मेथी के पत्ते बुखार को कम करते हैं तथा शरीर में दर्द होने पर भी आराम पहुँचाते है। यह डेंगू बुखार के लक्षणों को शान्त करने के लिए सबसे अच्छा घरेलू उपचार है।

संतरे के रस में मौजूद एंटीओक्सीडेंट्स (Antioxidants) और विटामिन सी, डेंगू बुखार के लक्षणों के इलाज और वायरस को नष्ट करने के लिए बेहतर माना जाता है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है।

डेंगू के बुखार में राहत पाने के लिए खूब नारियल पानी पिएँ। इसमें मौजूद जरूरी पोषक तत्व जैसे मिनरल्स और (electrolytes) शरीर को मजबूत बनाते हैं।

चुकंदर के रस में अच्छी मात्रा में (Antioxidants) होते हैं जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। दो से तीन चम्मच चुकंदर के रस को एक ग्लास गाजर के रस में मिलाकर पिएँ तो खून में Platelets तेजी से बढ़ते हैं।

2-3 चम्मच एलोवेरा का रस पानी में मिलाकर रोज पानी में मिलाकर पिएं। इससे बहुत सारी बीमारियों से बचा जा सकता है।

डेंगू में खान-पान और जीवनशैली ऐसी होना चाहिएः-

डेंगू में मरीज का मुहँ और गला सूख जाता है। इसलिए रोगी को ताजा सूप, जूस और नारियल पानी का सेवन करना चाहिए।
नींबू पानी बनाकर पिएँ। नींबू का रस शरीर से गंदगी को पेशाब के द्वारा निकाल कर शरीर को स्वस्थ बनाता है।
हर्बल टी से बुखार में आराम मिलता है। इसमें अदरक और इलायची डालकर बनाएँ।
डेंगू के लक्षण आने पर ताजी सब्जियों का जूस पिएँ। इसमें गाजर, खीरा और अन्य पत्तेदार सब्जियाँ बहुत अच्छी होती हैं। ये सब्जियाँ आवश्यक विटामिन और खनिजों से परिपूर्ण है जो रोगी के प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ाने में मदद करते हैं।
दलिया का सेवन करें। इसमें मौजूद उच्च फाइबर और पोषक तत्व रोगों से लड़ने के लिए पर्याप्त शक्ति देते हैं।
डेंगू होने पर पेट की समस्या हो जाती है। इसलिए तेलयुक्त और मसालेदार भोजन का सेवन बिल्कुल ना करें।
डेंगू के रोगी को प्रोटीन की बहुत आवश्यकता होती है। इसलिए रोगी को दूध और (Dairy product) का सेवन जरूर करना चाहिए।
अधिक से अधिक पानी पिएँ।

डेंगू होने पर डॉक्टर से कब सम्पर्क करें?

डेंगू में व्यक्ति को बहुत तेज बुखार आता है। इसलिए यदि किसी क्षेत्र विशेष में डेंगू का संक्रमण फैला हुआ हो तो बुखार आने पर और अन्य लक्षण जैसे बदन दर्द, जी मिचलाना, भूख की कमी यह सब होने पर तुरन्त डॉक्टर से सम्पर्क करें। डेंगू की पुष्टि के लिए जरूरी जाँच करवानी चाहिये।