घोड़ाडोंगरी शासकीय महाविद्यालय के लिए लाखों की जमीन दान करने पर पूर्व संसदीय सचिव,आदिवासी नेता रामजीलाल उइके के निजनिवास पहुचकर छात्र,छात्राओं ने अभिनन्दन कर दिया धन्यवाद

आशीष वागद्रे

घोड़ाडोंगरी -/ एक तरफ जहाँ आज के जमाने मे भाई भाई जमीन के लिए एक दूसरे के मार काट में लगे है और जमीन के लिए रिश्तों को भी दरकिनार कर देते है वही कुछ लोग ऐसे भी है जो नई पीढ़ी है जो आने वाले देश का भविष्य है उनके पढ़ाई लिखाई में कोई रुकावट नही आये और क्षेत्र के विकास में रुकावट न रहे इसके लिए अपनी लाखो की जमीन सरकार को दान कर देते है

ऐसा ही उदाहरण घोड़ाडोंगरी में भी देखने को आया जहां क्षेत्र के पूर्व विधायक और आदिवासी नेता और संसदीय सचिव रहे रामजीलाल उइके ने शासकीय महाविद्यालय के लिए खुद की निजी जमीन उच्च शिक्षा विभाग को दान कर दी और उच्च शिक्षा विभाग की तरफ से करोड़ो की स्वीकृत राशि से अब घोड़ाडोंगरी में छात्र छात्राओं के लिए बहुमंजिला भवन तैयार होंगा

रामजीलाल उइके के इस समर्पण को देखकर वर्तमान में महाविद्यालय के छात्र छात्राओं जो भवन के अभाव में मॉडल स्कूल में अस्थाई रूप से बने महाविधालय में अध्ययनरत है ऐसे छात्र छात्राओं ने रामजीलाल उइके ने निज निवास पहुचकर शाल श्रीफल से उनका अभिनन्दन कर उनको धन्यवाद दिया छात्र छात्राओं का नेतृत्व कर रहे

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व संगठन मंत्री हरिकेश ढाकरे और छात्र नेता जतिन प्रजापति के नेतृत्व में छात्र,छात्राओं ने रामजीलाल उइके एवम पूर्व विधायक गीता उइके से कॉलेज के और विभिन्न समस्याओं के बारे में विस्तृत चर्चा भी की इस अवसर पर रामजीलाल उइके ने छात्र छात्राओं को पूरा भरोसा दिलाया कि

वे पूरे समय छात्र ,छात्राओं के साथ खड़े है और उनकी सभी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री ,उच्च शिक्षा मंत्री,सांसद सभी के सामने उनकी बात प्रमुखता से रखेंगे

इस अवसर पर छात्र नेता हरिकेश ढाकरे ने बताया कि आज के जमाने में बड़े बड़े राजनेता निजी स्कूल खोल कर फीस के नाम पर लूटमार मचा के रखी है लेकिन ऐसे में हमारे जनजाति समाज के वरिष्ठ और पूर्व विधायक रामजीलाल उइके जी ने जो खुद की जमीन कॉलेज के लिए दान दे दी

वाकई में ये हमारे लिये और समाज के लिए प्रेरणादायक है और समाज के नेताओ से उनसे कुछ सीखना चाहिए
छात्र नेता जतिन प्रजापति का कहना है कि श्री उइके हमेशा से ही क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित रहे है इसके पूर्व भी उन्होंने प्रयास करके घोड़ाडोंगरी को फोरलेंन कि सौगात दिलवाई थी जिससे आज घोड़ाडोंगरी नगर की सुंदरता और विकास सभी के सामने है इसके साथ ही जब घोड़ाडोंगरी में शासकीय अस्पताल की के लिए राशि स्वीकृत हुई तब भी जमीन के अभाव में उसका निर्माण नही होने की स्तिथि आ गई थी

उस समय भी श्री उइके ने प्रभारी मंत्री लालसिंग आर्य एवम कलेक्टर से विशेष प्रयास कर वन विभाग की जमीन की स्वीकृति दिलवाई थी और आज भव्य बिल्डिंग घोड़ाडोंगरी नगर के बीच मे बनकर तैयार हो गई है

और आज हम जैसे युवा उनका सम्मान कर खुद को भाग्यशाली समझ रहे है अखलेशसराठे ,लक्ष्मण प्रजापति,आकाश पर्ते, रिशाद अली, अमन कहार,नितेश कुदारे,अमृता कुमारी प्रसाद,मनीषा अश्वरे,मुस्कान कुदारे,रूपा बामने,कशिश,रीना अखंडे , ज्योति प्रजापति,यशोदा यादव,सोमती,अंजना पंद्रम,नीतू सूर्यवंशी,आदि उपस्थित थे