गायत्री मंत्र के जाप व सुनने से दूर होते हैं कई रोग….

नवीन वागद्रे

बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं कि गायत्री मंत्र से कई तरह के शारीरिक और मानसिक रोगों में लाभ मिलता है। ये बात अब विशेषज्ञ भी मानने लगे हैं कि मनुष्य के शरीर के साथ-साथ ये सारी सृष्टि ही वैदिक स्पंदनों से बनी हुई है।

अमेरिका के ओहियो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार, कैंसर ग्रस्त फेफड़ों, आंत, मस्तिष्क, स्तन, त्वचा और फाइब्रो ब्लास्ट की लाइनिंग्स पर जब सामवेद के मंत्रों और हनुमान चालीसा के पाठ का प्रभाव परखा गया तो कैंसर की कोशिकाओं की वृद्धि में भारी गिरावट आई। इसके विपरीत तेज गति वाले पाश्चात्य और तेज ध्वनि वाले रॉक म्यूजिक से कैंसर की कोशिकाओं में तेजी के साथ बढ़ोत्तरी हुई।

कहा जाता है कि जब भी कोई व्यक्ति गायत्री मंत्र का पाठ करता है तो अनेक प्रकार की संवेदनाएं इस मंत्र से होती हुई व्यक्ति के मस्तिष्क को प्रभावित करती हैं। जर्मन वैज्ञानिकों की मानें तो जब भी कोई व्यक्ति अपने मुंह से कुछ बोलता है तो उसके बोलने में आवाज का जो स्पंदन और कंपन होता है, वो 175 प्रकार का होता है।

जब कोई कोयल स्वर में गाती है तो उसकी आवाज में 500 प्रकार का कंपन होता है। वहीं, दक्षिण भारत के विद्वानों से जब विधिपूर्वक गायत्री मंत्र का पाठ कराया गया, तो यंत्रों के माध्यम से यह पता चला कि गायत्री मंत्र का पाठ करने से संपूर्ण स्पंदन के जो अनुभव हुए, वे 700 प्रकार के थे।

जर्मन वैज्ञानिकों का तो कहना है कि अगर कोई व्यक्ति पाठ नहीं भी करे, सिर्फ पाठ ही सुन ले तोभी उसके शरीर पर इसका प्रभाव पड़ता है।
मंत्र चिकित्सा से लगभग पचास रोगों के पांच हजार मरीजों पर किए गए क्लीनिकल परीक्षणों के अनुसार दमा,अस्थमा रोग में 70 फीसदी, स्त्री रोगों में 65 फीसदी, त्वचा एवं चिंता संबंधी रोगों में 60 फीसदी, उच्च रक्तदाब, हाइपरटेंशन से पीड़ितों में 55 फीसदी, ऑर्थराइटिस में 51 फीसदी, डिस्क संबंधी समस्याओं में 41 फीसदी, आंखों के रोगों में 41 फीसदी और एलर्जी की अलग-अलग समस्याओं में 40 फीसदी लाभ हुआ।

निश्चित ही मंत्र चिकित्सा उन लोगों के लिए तो वरदान ही है जो पुराने और गंभीर रोगों से ग्रस्त हैं इसलिए आप भी गायत्री मंत्र का जाप जरूर करे ओर मैने discription मे एक गायत्रि मंत्र की वीडियो डाली है उसे जरूर सुने ।