सरकार की अपील- कोविड के एहतियाती उपायों में ढील न बरते, खतरा अभी टला नहीं है


केंद्र सरकार ने कोविड के खिलाफ एहतियाती उपायों में किसी तरह की ढील नहीं देने की अपील करते हुए कहा है कि खतरा अभी टला नहीं है। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय में संयुक्‍त सचिव लव अग्रवाल ने आज नई दिल्‍ली में एक संवाददाता सम्‍मेलन में कल मंत्रि‍परिषद की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोविड नियमों की अनदेखी पर की गई टिप्‍पणी का जिक्र करते हुए यह बात कही। उन्‍होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में भीड-भाड वाली जगहों पर लोगों के सामाजिक दूरी का पालन नहीं करने और बिना मास्‍क लगाये घूमने की जो तस्‍वीरें तथा वीडियो सामने आए हैं उस पर प्रधानमंत्री ने गहरी चिंता जताई है।

 

श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा है कि हमारा काम लोगों में डर पैदा करना नहीं बल्कि उनसे पूरी सावधानी बरतने का अनुरोध करना है ताकि आने वाले समय में हम इस महामारी से निजात पा सकें और आगे बढ सकें।

 

श्री अग्रवाल ने इस मौके पर ब्रिटेन, रूस और बंगलादेश सहित कुछ ऐसे देशों का हवाला दिया जहां कोरोना के मामले तेजी से बढ रहे हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि लोगों को यह बात समझनी चा‍हिए कि ऐसा कोई काम नहीं किया जाए जिससे संक्रमण फैले। उन्‍होंने कहा कि प्रतिबंधों में ढील देने का यह मतलब नहीं है कि खतरा टल गया है। लोगों को कोविड से बचाव के नियमों का पालन करते रहना चाहिए। 

 

कोरोना महामारी की वर्तमान स्थिति पर श्री अग्रवाल ने कहा कि देश में कोविड के दैनिक मामले लगातार कम हो रहे हैं और पिछले सात-आठ सप्‍ताह से स्‍वस्‍थ होने वालों की दर भी बढ रही है। उन्‍होंने कहा कि सात मई को कोरोना के मामले करीब चार लाख 14 हजार के उच्‍चतम स्‍तर तक पहुंच गये थे लेकिन उसके बाद से इनमें लगातार कमी आ रही है। श्री अग्रवाल ने कहा कि पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना संक्रमण के केवल 43 हजार 393 मामले सामने आए हैं और पिछले एक सप्‍ताह में दैनिक मामलों में नौ प्रतिशत की कमी आई है।

 

श्री लव अग्रवाल ने कहा कि चार मई तक देश में 531 ऐसे जिले थे जहां प्रतिदिन कोविड के सौ से अधिक मामले दर्ज हो रहे थे। ऐसे जिलों की संख्‍या घटकर अब 86 रह गई है। उन्‍होंने बताया कि दस मई तक देश में कोरोना के 37 लाख से अधिक सक्रिय मामले थे, इसके बाद से इनमें निरंतर कमी देखी गई। अब यह घटकर चार लाख 58 हजार रह गई है। श्री अग्रवाल ने बताया कि स्‍वस्‍थ होने वालों की संख्‍या भी तेजी से बढ रही है। तीन मई को स्‍वस्‍थ होने की दर जहां 81 दशमलव आठ प्रतिशत थी वही अब बढकर 97 दशमलव दो प्रतिशत रह गई है।

 

संयुक्त सचिव ने कहा कि कोरोना के 80 प्रतिशत मामले देश के 90 जिलों से हैं जिनमें से 15 जिले महाराष्‍ट्र के और 14 जिले केरल के हैं। उन्‍होंने कहा कि इन जिलों में संक्रमण को फैलने से रोकने पर विशेष ध्‍यान देने की जरूरत है। उन्‍होंने कहा कि इस समय देश में रोज़ाना औसतन 18 लाख लोगों की कोविड जांच की जा रही है। श्री अग्रवाल ने कहा कि देश में करीब 37 करोड लोगों को टीका लगाया जा चुका है।

नीति आयोग के सदस्य- स्वास्थ्य डॉक्टर वी.के. पॉल ने सरकार की अपील दोहराते हुए कहा कि लोगों को कोविड से बचाव के सभी नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। पर्यटन स्थलों सहित सभी जगहों पर मास्क पहनना चाहिए और सुरक्षित दूरी बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसमें किसी तरह की ढिलाई के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

 

गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण पर डॉक्टर पॉल ने कहा कि  इस बारे में दिशा निर्देश पिछले सप्ताह जारी किए जा चुके हैं। काफी विचार विमर्श और वैज्ञानिक डेटा का विश्लेषण करने के बाद इन्हें तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि कोविड रोधी टीके गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत जरूरी हैं क्योंकि उन्हें कोविड से गंभीर खतरा हो सकता है.