कांग्रेस में अब कंप्यूटर बाबा की जगह मिर्ची बाबा सक्रिय,
मिर्ची बाबा ने शिवजी का एक लाख पुष्पों से किया पूजन, कमलनाथ हुए शामिल, राजनीति गरमाई

मध्य प्रदेश कई सालों से बाबाओं के कारण चर्चित रहा है । यहां कई बाबाओं को राजनीतिक स्तर से राज्यमंत्री का दर्जा मिलने का मामला पूरे देश में गरमाया हुआ था। भोपाल के लोकसभा चुनाव में माननीय दिग्विजय सिंह द्वारा कराया गया अनुष्ठान, पूजन भी चर्चाओं में छाया रहा। प्रदेश में कंप्यूटर बाबा बहुत लोकप्रिय हुए। अब पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के द्वारा पूजन में शामिल होने से मिर्ची बाबा प्रदेश में लोकप्रिय हो रहे हैं। इस पूजन से प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कई तरह के की चर्चाएं चल रही हैं ।राजनीतिक स्तर पर चर्चाओं का दौर गर्म हो गया है। कहने वाले कह रहे हैं कि सत्ता प्राप्ति के लिए यह अनुष्ठान कराया गया है। शिवराज सिंह से लेकर कमल नाथ सरकार तक में नामदेव दास त्यागी ‘कंप्यूटर बाबा” चर्चा में रहे। भाजपा छोड़ कांग्रेस का दामन थामना उनके लिए भारी पड़ गया और अब वे सियासी परिदृश्य से गायब हो गए है। उनकी जगह महामंडलेश्वर वैराग्यानंद गिरी महाराज ‘मिर्ची बाबा” ले रहे हैं।

मिर्ची बाबा ने बुधवार को भोपाल के अपने आश्रम में शिवजी का एक लाख पुष्पों से पूजन किया, जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ भी शामिल हुए। दावा है कि इस विशेष अनुष्ठान में शामिल होने वाले की मनोकामना पूर्ण होती है और शत्रु परास्त होते हैं।

कंप्यूटर बाबा अपने कंप्यूटर प्रेम की वजह से इस नाम से जाने गए। वहीं मिर्ची बाबा मिर्च से हवन और विशेष अनुष्ठान करते हैं। कंप्यूटर बाबा को शिवराज सिंह चौहान ने राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया था।

2018 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की सरकार बनी तो पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के समर्थन से उन्हें कमलनाथ सरकार में भी राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया।

भाजपा के पुनः सत्ता में आने के बाद कंप्यूटर बाबा के इंदौर स्थित आश्रम की छानबीन हुई। अतिक्रमण की जमीन पर बने आश्रम पर शिवराज सरकार ने बुलडोजर चलवा दिया। बाबा को जेल जाना पड़ा, तब से कंप्यूटर बाबा मध्य प्रदेश से अदृश्य हो गए हैं।

अब महामंडलेश्वर वैराग्यानंद गिरी महाराज ‘मिर्ची बाबा” आ गए हैं। इन्हें भी कमलनाथ सरकार में राज्यमंत्री का दर्जा मिला था।

जल समाधि का किया था दावा

2019 के लोकसभा चुनाव में मिर्ची बाबा ने भोपाल से चुनाव लड़ रहे दिग्विजय सिंह की जीत का दावा किया। यह भी कहा कि यदि उनकी जीत नहीं होती है, तो वे जल समाधि ले लेंगे। बाद में वे पलट गए।

कमलनाथ सार्वजनिक रूप से पूजन, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड के पाठ सहित धार्मिक गतिविधियों में शामिल होते रहते हैं।अयोध्या में श्रीराम मंदिर के शिलान्यास के दिन उन्होंने पूरे प्रदेश में कांग्रेस कार्यालयों में सुंदरकांड के पाठ का आयोजन करवाया था।