31 मई तक कोरोना मुक्त हो नर्मदापुरम संभाग-मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान
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एक जून से सामान्य गतिविधियां धीरे-धीरे चालू की जाएं
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कोरोना नियंत्रण में बैतूल जिले की स्थिति संतोषजनक
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महाराष्ट्र राज्य की सीमा पर अभी भी सख्त निगरानी की जरूरत
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मुख्यमंत्री ने बैतूल सहित नर्मदापुरम संभाग के जिलों के कोरोना प्रबंधन की समीक्षा की
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प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि 31 मई तक समूचा नर्मदापुरम संभाग कोरोना मुक्त घोषित किया जाए। एक जून से कोरोना कर्फ्यू में ढील देकर सामान्य गतिविधियां धीरे-धीरे चालू की जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान रविवार को होशंगाबाद के संभाग मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संभाग के तीनों जिले होशंगाबाद, हरदा एवं बैतूल जिले के कोरोना प्रबंधन की समीक्षा कर रहे थे। बैतूल की समीक्षा के दौरान उन्होंने महाराष्ट्र राज्य की सीमा से सटे क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। जिले से इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में विधायक आमला डॉ. योगेश पंडाग्रे, विधायक घोड़ाडोंगरी श्री ब्रह्मा भलावी, कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैंस, पुलिस अधीक्षक सुश्री सिमाला प्रसाद, पूर्व विधायक श्री हेमन्त खंडेलवाल, भारत भारती आवासीय विद्यालय के सचिव श्री मोहन नागर सहित क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के सदस्यों ने भाग लिया। जिले के प्रभारी एवं प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल हरदा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जुड़े।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आगे कहा कि अब जरूरत है कि प्रशासनिक अमले सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं सभी लोग पूरी ताकत से कोरोना संक्रमण को समाप्त करने में जुट जाए। बचे हुए संक्रमित प्रकरणों को भी तत्काल नियंत्रित करें। सर्दी-जुकाम, बुखार के लक्षणों वाले मरीजों को दवाइयों के किट वितरित किए जाएं। उन्होंने कहा कि एक-एक मरीज की सघन मॉनीटरिंग की जाए एवं उसके स्वास्थ्य की सुरक्षा की जाए। गंभीर प्रवृत्ति के संक्रमित मरीजों की रिकवरी पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने होम आइसोलेशन से ठीक हो रहे मरीजों की स्थिति भी जानी। मुख्यमंत्री ने संभाग के जिलों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की भी जिला कलेक्टरों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आईसीयू बेड्स बढ़ाए जाएं। ऑक्सीजन बेड्स की पर्याप्त उपलब्धता रहे। साथ ही जिलों में वेंटीलेटर की सुविधा भी बढ़ाई जाए। दवाइयों, ऑक्सीजन एवं इंजेक्शनों की पर्याप्त उपलब्धता रहे। सभी के प्रयासों से जरूरत है कि मई के आखिरी सप्ताह में संक्रमण न बढ़े। उन्होंने कहा कि जिलों में ऑक्सीजन प्लांट्स लगाने की योजना बनाएं एवं ऑक्सीजन प्लांट्स लगवाए जाएं, ताकि भविष्य में कभी जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन की कमी न हो। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में किल कोरोना अभियान की भी समीक्षा की। साथ ही आयुष्मान निरामयम योजना से उपचार का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों को देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता तुड़ाई कार्य में भी कोरोना संक्रमण से बचाव के प्रति पर्याप्त सावधानी रखी जाए। नि:शुल्क राशन वितरण योजना से कोई पात्र हितग्राही वंचित न रहे। वितरण व्यवस्था में कोरोना संक्रमण से बचाव का ध्यान रखा जाए। कहीं भी दुकानों पर भीड़-भाड़ न हो एवं बिना लाइन लगे राशन बटे। ग्राम पंचायतों के पॉजिटिव मरीजों वाले क्षेत्रों में माइक्रो कंटेनमेंट बनाकर कोरोना को नियंत्रित किया जाए। उन्होंने रबी उपार्जन की समीक्षा करते हुए कहा कि उपार्जन कार्य में किसानों को कोई दिक्कत न आए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैंस ने बताया कि जिले में पॉजिटिविटी दर लगातार कम हो रही है। जिले की विगत दिवस पॉजिटिविटी दर मात्र 3.35 प्रतिशत है। विगत सप्ताह की पॉजिटिविटी दर 7.30 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि पिछले माह की तुलना में जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति पर पर्याप्त नियंत्रण पाया गया है। विगत माह पॉजिटिविटी की दर 17.60 प्रतिशत थी। कलेक्टर ने बताया कि जिले के 145 ग्राम कोरोना संक्रमण से मुक्त भी हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि अगले सात दिवस में जिले में कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के पूरी सक्रियता के साथ प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र राज्य से सटे क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संक्रमण की स्थिति पूरी तरह नियंत्रित होने तक यहां से राज्य की सीमा सील रखी जाए। इस दौरान जिले के अस्पतालों में मरीजों के लिए उपलब्ध बेड्स, आईसीयू बेड्स एवं ऑक्सीजन बेड्स की उपलब्धता की जानकारी भी कलेक्टर द्वारा दी गई। उन्होंने बताया कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार इजाफा किया जा रहा है। ऑक्सीजन की भी कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान निरामयम योजना के तहत जिले के अस्पतालों में वर्तमान में 235 मरीज उपचाररत हैं, जिन्हें योजना से नि:शुल्क उपचार की सुविधा मुहैया कराई जा रही है।
कलेक्टर ने बताया कि जिले में कोविड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से संक्रमित मरीजों से प्रतिदिन संपर्क किया जा रहा है। उनसे मेडिकल किट की उपलब्धता की जानकारी ली जा रही है। साथ ही ब्लैक फंगस से बचाव के दृष्टिगत डिस्चार्ज मरीजों से भी प्रतिदिन चर्चा की जा रही है। कलेक्टर ने कोरोना कर्फ्यू उल्लंघन के मामलों में की गई कार्रवाई से भी अवगत कराया। इसके अलावा जिले में सामाजिक संगठनों के सहयोग से कोरोना पर नियंत्रण एवं टीकाकरण को प्रभावी बनाने के लिए किए गए प्रयासों की भी जानकारी दी। उन्होंने जिला, खंड एवं पंचायत स्तर पर भविष्य में कोरोना नियंत्रण के लिए बनाई गई रणनीति से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना में सहायता देने के लिए पात्र हितग्राहियों को चिन्हित किया जा रहा है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में विधायक आमला डॉ. योगेश पंडाग्रे ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि जिले की पॉजिटिविटी दर में लगातार कमी आ रही है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण दर रोकने एवं कोविड टीकाकरण को बढ़ाने की रणनीति पर भी मुख्यमंत्री से चर्चा की। पूर्व विधायक श्री हेमन्त खंडेलवाल ने विजय कोविड सेंटर में उपलब्ध कोविड उपचार सुविधाओं की जानकारी दी। साथ ही महाराष्ट्र की सीमा से सटे क्षेत्रों में संक्रमण रोकने पर विशेष रणनीति के तहत काम करने की बात कही। भारत-भारती आवासीय विद्यालय के सचिव श्री मोहन नागर ने ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना नियंत्रण के लिए संचालित की जा रही गतिविधियों से अवगत कराया। इस दौरान जिले के प्रभारी एवं किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल ने हरदा से भाग लेते हुए कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों से समूचे संभाग में कोरोना पर नियंत्रण पाने में सफलता मिली है।