*इंद्रदेव को मिली सजा से मुक्ति*

*ग्रामीणों ने विशेष पूजा पाठ के किया जलाभिषेक*

*जितेन्द्र निगम – चिचोली*

*असाढ़ी के पास सुप्रसिद्ध आदिवासी तीर्थ स्थल मड़देव धाम मे पिछले चार दिनों से मिट्टी से ढंके रहकर ग्रामीणों की सजा झेल रहे इंद्रदेव को शुक्रवार सुबह मुक्ति मिली . क्षेत्र में हल्की बारिश के बाद ग्रामीणों ने विशेष पूजा पाठ के साथ इंद्रदेव का जलाभिषेक कर अपनी बरसों पुरानी परंपरा का निर्वहन किया*.

*जानकारी के मुताबिक आदिवासियों के सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थल मड़देव धाम मे इंद्र देव की एक प्रतिमा स्थापित है. क्षेत्र मे ऐसी मान्यता है कि वर्षा नहीं होने पर इंद्र देव की प्रतिमा को मिट्टी से ढंक दिया जाता है और विशेष भजन कीर्तन आयोजित किए जाते हैं . कुछ ही समय में वर्षा हो जाती है.*

*क्षेत्रीय परंपरा एवं मान्यता के अनुसार कई दिनों से क्षेत्र मे वर्षा नहीं होने के कारण ग्रामीणों ने विगत 5 जुलाई को इंद्र देव की प्रतिमा का मिट्टी से लेपन कर दिया था. और लगातार भजन कीर्तन आयोजित किए जा रहे थे. मड़देव धाम से जुड़े कमल रंजन शुक्ला, माली सिंह उईके, महेश उईके, कैलाश शुक्ला ने बताया कि शुक्रवार सुबह क्षेत्र में हल्की बारिश के बाद ग्रामीणों ने इंद्रदेव का जलाभिषेक कर प्रतिमा का शुद्धिकरण किया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीण मौजूद रहे. ग्रामीणों ने बताया कि इंद्र देव की प्रतिमा के शुद्धिकरण के बाद भगवान को सजा से मुक्ति मिल गई. ग्रामीणों का विश्वास है कि अब क्षेत्र में अच्छी वर्षा होगी*.